अदालत द्वारा टैरिफ़ को गैरकानूनी बताने पर भड़के ट्रंप, कहा कि ‘अमेरिका पूरी तरह तबाह हो जाएगा..’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर उनके लगाए गए टैरिफ़ हटा दिए गए तो अमेरिका “पूरी तरह तबाह हो जाएगा।” यह बयान उस समय आया है जब एक संघीय अपीली अदालत ने उनके अधिकांश टैरिफ़ को गैरकानूनी करार..
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर उनके लगाए गए टैरिफ़ हटा दिए गए तो अमेरिका “पूरी तरह तबाह हो जाएगा।” यह बयान उस समय आया है जब एक संघीय अपीली अदालत ने उनके अधिकांश टैरिफ़ को गैरकानूनी करार दिया है।
ट्रंप ने अपने प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,“टैरिफ़ के बिना, और उन खरबों डॉलर के बिना जो हम पहले ही ले चुके हैं, हमारा देश पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा और हमारी सैन्य शक्ति तुरंत मिट जाएगी।”
उन्होंने अदालत के 7–4 के फ़ैसले की आलोचना करते हुए बहुमत वाले जजों को “कट्टरपंथी वामपंथी समूह” कहा।
ट्रंप ने एक असहमति जताने वाले जज की तारीफ़ की, यह कहते हुए कि “वे एक डेमोक्रेट हैं, ओबामा द्वारा नियुक्त किए गए थे, लेकिन उन्होंने साहस दिखाया और अमेरिका से प्यार व सम्मान जताया। इसके लिए धन्यवाद।”
अदालत का फ़ैसला
यूएस कोर्ट ऑफ़ अपील्स फ़ॉर द फ़ेडरल सर्किट ने शुक्रवार को फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए कई टैरिफ़ अवैध हैं क्योंकि उन्हें लगभग सभी आयातों पर इस तरह खुले-आम टैरिफ़ लगाने का अधिकार नहीं था।
हालाँकि अदालत ने इन्हें रद्द किया, लेकिन 14 अक्टूबर तक टैरिफ़ लागू रहने की अनुमति दी, ताकि ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय मिल सके।
टैरिफ़ का असर
ट्रंप के टैरिफ़ का असर दुनिया भर पर पड़ा है। भारत को सबसे अधिक 50% तक का शुल्क झेलना पड़ा, मुख्य रूप से उसके द्वारा रूस से तेल आयात जारी रखने के कारण। अन्य देशों के साथ भी इन उपायों ने व्यापारिक संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया।
ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने फॉक्स न्यूज़ पर राष्ट्रपति के रुख का समर्थन किया। उन्होंने उन जजों को “काले वस्त्रों में बैठे राजनेता” बताया जिन्होंने ट्रंप की नीति का विरोध किया।
नवारो ने यह भी कहा कि अदालत की राय “सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप के पक्ष में निर्णय के लिए स्पष्ट रोडमैप” देती है।
उन्होंने यह भी जोड़ा, “टैरिफ़ कभी स्थायी होने के लिए नहीं थे। हम बहुत आशावादी हैं। अगर हम केस हारते हैं, तो राष्ट्रपति ट्रंप सही कह रहे हैं। यह अमेरिका का अंत होगा।”
मामला किसने दायर किया?
यह मुक़दमा डेमोक्रेटिक-शासित राज्यों और छोटे आयात व्यवसायों के गठबंधन ने दायर किया था। उनका तर्क था कि जिस इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का हवाला देकर ट्रंप ने टैरिफ़ लगाए, वह उन्हें इस तरीके से टैरिफ़ लागू करने का अधिकार नहीं देता।
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