“भारत से बाहर दुनिया और कठिन है”: दिवाली संदेश में उदय कोटक की सख्त सलाह — ‘आराम क्षेत्र से बाहर निकलो, टिकाऊ व्यवसाय बनाओ’
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और अरबपति बैंकर उदय कोटक ने दिवाली 2025 के अवसर पर भारतीयों को संबोधित करते हुए एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका के टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीयों को अपनी सोच बदलनी..
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और अरबपति बैंकर उदय कोटक ने दिवाली 2025 के अवसर पर भारतीयों को संबोधित करते हुए एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका के टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीयों को अपनी सोच बदलनी होगी और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल अपनाना होगा।
उदय कोटक ने वीडियो संदेश में कहा, “यह समय है जब हर भारतीय को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि भारत के बाहर दुनिया और कठिन है। हमें अपने आराम, सुविधा और आत्मसंतुष्टि के क्षेत्र से बाहर निकलकर ऐसा भारत और भारतीय व्यवसाय बनाना चाहिए जो दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूं कि कॉरपोरेट इंडिया, जिसमें निवेशकों ने विश्वास दिखाया है, इस चुनौती को समझे और भविष्य के लिए स्थायी रूप से कंपनियाँ बनाए। समय के साथ कंपनियों की आय में सुधार करे ताकि मौजूदा ऊंचे PE अनुपात (Price-to-Earnings Ratio) उचित साबित हों और निवेशकों को उचित रिटर्न मिल सके।”
“दुनिया काफी बदल चुकी है” — उदय कोटक
कोटक ने कहा कि भू-राजनीतिक परिस्थितियां, टैरिफ, और कई संघर्षों ने वैश्विक माहौल को अनिश्चित बना दिया है, हालांकि कुछ उभरते बाजार लंबे समय की सुस्ती के बाद अब संभल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “भू-राजनीति, टैरिफ, अनिश्चितताएं और कई युद्धों ने माहौल को धुंधला कर दिया है। लेकिन कुछ उभरते बाजार, वर्षों की कमजोर प्रदर्शन के बाद, अब फिर से उभरने लगे हैं।”
अमेरिकी बाजारों पर कोटक की राय
कोटक के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में मुख्य रूप से ‘द मैग्निफिसेंट सेवन’ (The Magnificent Seven) कंपनियों ने ही अधिकतर रिटर्न दिया है, जबकि अन्य सेक्टर अपेक्षाकृत धीमे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “अमेरिकी बाजार अब भी तेजी पर हैं, लेकिन वहां मुख्य रूप से ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ कंपनियों एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, अल्फाबेट, मेटा प्लेटफॉर्म्स, एनवीडिया और टेस्ला ने ही अधिकांश रिटर्न उत्पन्न किए हैं। बाकी बाजार उतनी तेज़ी से नहीं बढ़े हैं।”
सम्वत 2082 के लिए कोटक की भविष्यवाणी
दिवाली से पहले अपने संदेश में कोटक ने कहा कि सम्वत 2081 निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, हालांकि तीन साल के दृष्टिकोण से रिटर्न अब भी उत्साहजनक हैं। उन्होंने कहा, “सम्वत 2081 वैश्विक परिवर्तनों से भरा वर्ष रहा। अब हम सम्वत 2082 में अधिक स्पष्टता की उम्मीद कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ‘सेवर्स से इन्वेस्टर्स’ (बचतकर्ताओं से निवेशकों) की प्रवृत्ति सम्वत 2082 में भी जारी रहेगी।
‘सेवर्स टू इन्वेस्टर्स’ ट्रेंड क्यों बढ़ रहा है?
उदय कोटक के अनुसार..
- भारत में म्यूचुअल फंड्स और इक्विटी बाजारों में लगातार पूंजी प्रवाह हो रहा है।
- मौजूदा कर नीति, जिसमें आय पर अधिक टैक्स और निवेश से हुई पूंजीगत कमाई पर कम टैक्स लगता है, इस प्रवृत्ति को मजबूत कर रही है।
- जीएसटी सुधार और ₹12 लाख तक की आय पर शून्य टैक्स नीति ने भी घरेलू अर्थव्यवस्था को गति दी है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान इस प्रवृत्ति ने गति पकड़ी। अप्रैल 2020 में भारत में 4.09 करोड़ डीमैट अकाउंट्स थे, जो फरवरी 2025 तक बढ़कर 14.98 करोड़ हो गए जैसा कि Geojit Insights की रिपोर्ट में बताया गया है।
उदय कोटक का संदेश साफ है, “भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होना होगा, और इसके लिए हर भारतीय को अपनी सोच और काम करने के तरीके में स्थायित्व लाना होगा।”
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