$800 मिलियन का झटका! ईरान के हमलों से मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ढांचे को भारी नुकसान
मध्य-पूर्व में तेजी से बढ़ता युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल या ईरान इस संघर्ष से पीछे हटने को तैयार..
मध्य-पूर्व में तेजी से बढ़ता युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल या ईरान इस संघर्ष से पीछे हटने को तैयार हैं।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमलों से केवल पहले दो हफ्तों में ही लगभग 800 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।
इस नुकसान का बड़ा हिस्सा उस समय हुआ जब अमेरिका और इज़राइल के शुरुआती हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की।
CSIS के वरिष्ठ सलाहकार और अध्ययन के सह-लेखक मार्क कैंसियन ने कहा, “क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को हुए नुकसान की रिपोर्टिंग कम हुई है। यह नुकसान काफी बड़ा प्रतीत होता है लेकिन पूरी जानकारी बाद में ही सामने आएगी।”
अमेरिकी सैन्य ढांचे पर लक्षित हमले
ईरान की जवाबी कार्रवाई मुख्य रूप से अमेरिका के एयर-डिफेंस और सैटेलाइट संचार सिस्टम को निशाना बनाकर की गई, जो जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और मध्य-पूर्व के अन्य रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं।
सबसे बड़ा नुकसान जॉर्डन के एक एयरबेस पर लगे AN/TPY-2 रडार सिस्टम को हुआ, जिसकी कीमत लगभग 485 मिलियन डॉलर है। यह रडार THAAD मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा है और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में बेहद अहम भूमिका निभाता है।
इसके अलावा, ईरानी हमलों से अमेरिकी ठिकानों की इमारतों और अन्य बुनियादी ढांचे को लगभग 310 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त नुकसान हुआ।
सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, कम से कम तीन अमेरिकी एयरबेस—
- अली अल-सलीम (कुवैत)
- अल-उदीद (कतर)
- प्रिंस सुल्तान (सऊदी अरब)
पर कई बार हमले किए गए।
मानव हानि और युद्ध का असर
जब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी को इज़राइल के साथ मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए, तब से अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है।
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस संघर्ष में कुल मृतकों की संख्या लगभग 3200 तक पहुंच गई है, जिसमें करीब 1400 आम नागरिक शामिल हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “हम ईरान में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।”
महंगे सैन्य उपकरणों को नुकसान
तकनीकी बढ़त के बावजूद, ईरान ने कई महंगे अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया।
- कुल 16 अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त हुए
- इनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं (प्रत्येक की कीमत ~56.5 मिलियन डॉलर)
2 मार्च को कुवैत में तीन F-15 स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट “फ्रेंडली फायर” में नष्ट हो गए।
12 मार्च को इराक के ऊपर एक KC-135 टैंकर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी 6 क्रू मेंबर की मौत हो गई।
19 मार्च को ईरान ने कथित तौर पर एक F-35 स्टील्थ फाइटर को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग की और पायलट सुरक्षित रहा।
वहीं, इज़राइल ने भी ईरानी हवाई क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक ड्रोन खो दिए, जिससे दोनों देशों का कुल विमान नुकसान 28 तक पहुंच गया।
हाई-वैल्यू रडार सिस्टम पर हमला
ईरान ने अमेरिकी मिसाइल रक्षा नेटवर्क को कमजोर करने पर भी फोकस किया।
- THAAD सिस्टम से जुड़े 4 AN/TPY-2 रडार प्रभावित
- हर रडार की कीमत 300–500 मिलियन डॉलर
इसके अलावा, कतर के अल-उदीद एयरबेस पर 1.1 बिलियन डॉलर का AN/FPS-132 ब्लॉक 5 अर्ली वार्निंग रडार भी निशाना बनाया गया।
यह रडार लंबी दूरी की मिसाइलों का पता लगाने और THAAD, Patriot और Aegis जैसे सिस्टम को सपोर्ट करता है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा, “ईरान की मिसाइल क्षमता अब सफलतापूर्वक लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है।”
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