मंच पर एआई कोल्ड वॉर: दिल्ली समिट में OpenAI और Anthropic के सीईओ का असहज पल
नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान समूह फोटो सेशन में एक हल्का-फुल्का लेकिन व्यापक रूप से चर्चा में आया असहज पल देखने को मिला। Sam Altman (सीईओ, OpenAI) और Dario Amodei (सीईओ, Anthropic) ने हाथ पकड़ने के बजाय मुट्ठी उठाकर अभिवादन करना..
नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान समूह फोटो सेशन में एक हल्का-फुल्का लेकिन व्यापक रूप से चर्चा में आया असहज पल देखने को मिला। Sam Altman (सीईओ, OpenAI) और Dario Amodei (सीईओ, Anthropic) ने हाथ पकड़ने के बजाय मुट्ठी उठाकर अभिवादन करना चुना।
कड़ी प्रतिस्पर्धा करने वाली एआई कंपनियों का प्रतिनिधित्व कर रहे ये दोनों शीर्ष अधिकारी कुछ क्षणों के लिए असमंजस में दिखे, फिर इसी इशारे पर सहमत हुए—जिस पर सोशल मीडिया पर मज़ेदार प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।
इस हाई-प्रोफाइल समूह में बीचों-बीच Narendra Modi खड़े थे। उनके साथ Sundar Pichai (सीईओ, Google और Alphabet), Alexandr Wang (संस्थापक, Scale AI), Meta के चीफ एआई ऑफिसर और अन्य वैश्विक टेक नेता भी शामिल थे।
इंटरनेट पर इस ‘स्नब’ पर तुरंत प्रतिक्रियाएँ आईं। Siddharth Bhatia, Puch AI के सह-संस्थापक, ने लिखा, “AGI कब? जिस दिन डारियो और सैम हाथ पकड़ेंगे।”
When AGI?
The day Dario and Sam hold hands. pic.twitter.com/bfmqgnTV89 — Siddharth Bhatia (@siddharthb_) February 19, 2026
गौरतलब है कि अमोडेई पहले OpenAI में रिसर्च के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 2021 की शुरुआत में कंपनी छोड़कर कई अन्य वरिष्ठ OpenAI शोधकर्ताओं के साथ मिलकर Anthropic की सह-स्थापना की थी।
16 से 20 फरवरी तक Bharat Mandapam में आयोजित पाँच दिवसीय India AI Impact Summit में 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता, 150 शिक्षाविद और शोधकर्ता, तथा 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, उपाध्यक्ष और परोपकारी शामिल हुए हैं।
इससे पहले दिन में अमोडेई ने प्रतिनिधियों से कहा कि दुनिया एक ऐसे परिवर्तनकारी क्षण के करीब पहुँच रही है, जब एआई प्रणालियाँ अधिकांश संज्ञानात्मक कार्यों में अधिकांश मनुष्यों से आगे निकल जाएँगी। इससे बीमारी और गरीबी जैसी समस्याओं से निपटने के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे, लेकिन साथ ही दुरुपयोग और आर्थिक अव्यवस्था जैसे गंभीर जोखिम भी सामने आएँगे।
अमोडेई ने बीते दशक में एआई क्षमताओं की तेज़ प्रगति को एक घातीय (एक्सपोनेंशियल) वक्र बताया और इसे “बुद्धिमत्ता के लिए मूर के नियम” जैसा करार दिया।
उन्होंने कहा, “इस कमरे में और पूरे भारत में ऊर्जा और महत्वाकांक्षा अद्भुत है। पिछले कुछ दिनों में मैं भारतीय बिल्डर्स और उद्यमों से मिला हूँ—यहाँ साथ मिलकर निर्माण करने की जो ऊर्जा है, वह कहीं और नहीं दिखती।”
उनका कहना था कि समाज इस राह पर काफी आगे बढ़ चुका है और अब केवल कुछ ही वर्षों में एआई मॉडल अधिकांश क्षेत्रों में अधिकांश मनुष्यों की संज्ञानात्मक क्षमताओं से आगे निकल सकते हैं।
इसी तरह, गुरुवार को ऑल्टमैन ने कहा कि भारत इस समय एआई को अपनाने में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और तकनीक के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति में भाग नहीं ले रहा, बल्कि उसका नेतृत्व कर रहा है।
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