भारत के लिए चिंता का विषय: पाकिस्तानी हथियार ‘तैमूर क्रूज़ मिसाइल’ राफेल का तोड़, S-400 को भी चकमा देने में सक्षम?
हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान अब अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ 2022 में बनाई गई तैमूर क्रूज़ मिसाइल की तुलना फ्रांस की SCALP मिसाइल से कर रहे हैं, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी तबाही झेलने पर मजबूर किया..
नयी दिल्ली। हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान अब अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ 2022 में बनाई गई तैमूर क्रूज़ मिसाइल की तुलना फ्रांस की SCALP मिसाइल से कर रहे हैं, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी तबाही झेलने पर मजबूर किया था। लेकिन, क्या तैमूर वास्तव में इतनी घातक है?
तैमूर क्रूज़ मिसाइल की खासियतें
- प्रकार: एयर-लॉन्च्ड क्रूज़ मिसाइल (ALCM), यानी इसे लड़ाकू विमानों से दागा जाता है।
- लंबाई और वजन: 4.38 मीटर लंबी और लगभग 1100 किलोग्राम वजनी।
- गति: सब-सोनिक (ध्वनि की गति से कम) क्रूज़ स्पीड।
- मारक क्षमता: 600 किलोमीटर तक की रेंज, 250 किलोमीटर का प्रभावी स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक।
- विकास: पाकिस्तान की ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशन (GIDS) द्वारा विकसित।
- वॉरहेड क्षमता: इस्लामाबाद का दावा है कि यह मिसाइल परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
- तकनीकी फीचर: एडवांस्ड इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) सीकर, मल्टी-गाइडेंस सिस्टम और लो-ऑब्ज़र्वेबिलिटी तकनीक, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल होता है।
रणनीतिक प्रभाव
पाकिस्तानी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल भारत के राफेल लड़ाकू विमानों और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती बन सकती है। चूंकि इसे स्टैंड-ऑफ रेंज से दागा जा सकता है और इसमें आधुनिक गाइडेंस तकनीक शामिल है इसलिए पाकिस्तान का मानना है कि इससे उसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त मिलेगी।
हालांकि, सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि तैमूर की क्षमताओं का मूल्यांकन उसके वास्तविक परीक्षण और ऑपरेशनल उपयोग के बाद ही किया जा सकता है। भारत के पास पहले से ही ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइल और राफेल के साथ स्कैल्प जैसी प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता मौजूद है, जो पाकिस्तान के दावों को संतुलित करती है।
What's Your Reaction?