‘हिंदू, मुस्लिम सभी बराबर..’: हत्याओं और भीड़ हिंसा पर बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान का पहला बड़ा बयान

लगातार हो रही हिंसक घटनाओं के बीच, बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने बुधवार को कानून के शासन को मज़बूत करने का संकल्प जताया और कहा कि उनकी सरकार देश को हर धर्म के लोगों के लिए सुरक्षित भूमि बनाएगी..

‘हिंदू, मुस्लिम सभी बराबर..’: हत्याओं और भीड़ हिंसा पर बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान का पहला बड़ा बयान
20-02-2026 - 12:13 PM

ढाका। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं के बीच, बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने बुधवार को कानून के शासन को मज़बूत करने का संकल्प जताया और कहा कि उनकी सरकार देश को हर धर्म के लोगों के लिए सुरक्षित भूमि बनाएगी..चाहे उनकी राजनीतिक पसंद, राय, धर्म या जातीय पहचान कुछ भी हो।

पद संभालने के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले टीवी संबोधन में 60 वर्षीय रहमान ने सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार और भ्रष्टाचार पर सख़्त नियंत्रण उनकी सरकार के शीर्ष एजेंडे में शामिल हैं, ताकि देश में शांति और सुरक्षा बहाल की जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा, हम इस देश को हर नागरिक के लिए सुरक्षित भूमि बनाना चाहते हैं।
बौद्ध, ईसाई—पार्टी, राय, धर्म या जातीयता से परे—चाहे पहाड़ों में रहते हों या मैदानों में, यह देश हम सभी का है।”

Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) के प्रमुख रहमान ने आगे कहा, आपने बीएनपी को वोट दिया हो या नहीं दिया हो, या बिल्कुल वोट न दिया हो—इस सरकार पर सभी का समान अधिकार है। एक बांग्लादेशी के तौर पर, इस देश और इस राज्य में हम सभी के अधिकार बराबर हैं।”

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले

बहुलतावादी समाज को लेकर रहमान की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।

अगस्त 2024 से Muhammad Yunus के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान देश में भीड़ हिंसा, कथित फर्जी मुठभेड़ों (एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स) और अल्पसंख्यक समुदायों—खासतौर पर हिंदुओं—पर हमलों में इज़ाफ़ा हुआ।

मानवाधिकार संगठन Manabadhikar Shongskriti Foundation (एमएसएफ) के अनुसार, केवल जनवरी 2026 में ही 21 लिंचिंग और 28 भीड़ द्वारा मारपीट की घटनाएं दर्ज की गईं।

वहीं Bangladesh Hindu Buddhist Christian Unity Council ने बताया कि वर्ष 2025 में 522 सांप्रदायिक हमले हुए, जिनमें हत्याएं, बलात्कार और मंदिरों में तोड़फोड़ शामिल है। जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच अल्पसंख्यक समुदायों के 116 लोगों की हत्या हुई, जिनमें अधिकांश हिंदू थे।

इन रिपोर्टों के अनुसार, अधिकतर हमलों के शिकार वे नेता और कार्यकर्ता बने जो Awami League से जुड़े थे, जिसे यूनुस सरकार ने भंग कर दिया था।

इस बीच India लगातार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है।

भीड़ संस्कृति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं”

इससे पहले नई सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री Mirza Fakhrul Islam Alamgir ने कहा था कि कानून-व्यवस्था सरकार की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रशासन “भीड़ हिंसा” को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

उन्होंने कहा, इस (भीड़ हिंसा) पर काबू पाया जाएगा। हालात चाहे जितने भी बिगड़े हों, हमें कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास करना ही होगा।”

गृह मंत्री Salahuddin Ahmed ने भी सख़्त रुख अपनाते हुए कहा, भीड़ की संस्कृति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।