उत्तराखंड: वायरल वीडियो के बाद ज्योतिर्मठ ऑडिटोरियम में नमाज़ पर रोक, हिंदू संगठनों का विरोध; डीएम ने जांच के आदेश दिए
उत्तराखंड में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब Jyotirmath नगर पालिका परिषद ने अपने ऑडिटोरियम में नमाज़ अदा करने पर रोक लगा दी। यह फैसला उस वीडियो के वायरल होने के बाद लिया गया, जिसमें ऑडिटोरियम के अंदर नमाज़ पढ़ते हुए लोग दिखाई दे रहे..
चमोली। उत्तराखंड में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब Jyotirmath नगर पालिका परिषद ने अपने ऑडिटोरियम में नमाज़ अदा करने पर रोक लगा दी। यह फैसला उस वीडियो के वायरल होने के बाद लिया गया, जिसमें ऑडिटोरियम के अंदर नमाज़ पढ़ते हुए लोग दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आते ही कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
The land of Badrinath Vishal, Jyotirmath Peeth, which is one of the main pillars of Sanatan Dharma. Namaz has already started in the building under construction here, and in the future a mosque will also be built. The municipal chairman and the local MLA are both from Congress. pic.twitter.com/kA3wjoKJDP — Oxomiya Jiyori (@SouleFacts) February 19, 2026
नगर पालिका प्रशासन ने इसके बाद ऑडिटोरियम को ताला लगाकर Sports Department को सौंप दिया है, जहां अब टेनिस प्रशिक्षण गतिविधियां कराई जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2023 में Joshimath आपदा के दौरान अस्थायी रूप से वहां नमाज़ की अनुमति दी गई थी, लेकिन हालात सामान्य होने के बावजूद भी वहां धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं।
कई हिंदू संगठनों ने दर्ज कराई शिकायत
Vishwa Hindu Parishad (वीएचपी) समेत कई अन्य हिंदू संगठनों ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों का कहना है कि नगर पालिका की सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह ऑडिटोरियम सामुदायिक और खेल गतिविधियों के लिए बनाया गया है, न कि धार्मिक आयोजनों के लिए।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
चमोली के जिलाधिकारी Gaurav Kumar ने मामले की जांच के आदेश देते हुए उप-जिलाधिकारी (SDM) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने पुष्टि की कि प्रशासन को इस संबंध में शिकायतें मिली हैं और अगर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में नगर पालिका अध्यक्ष Deveshwari Shah की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। नियमों के अनुसार, किसी भी नगर पालिका संपत्ति के उपयोग को लेकर इस तरह का फैसला अध्यक्ष अकेले नहीं ले सकते। यह मुद्दा गुरुवार से लगातार चर्चा में है और अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि नगर पालिका की संपत्तियों का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।
सुरक्षा और प्रशासन की सख्ती
वायरल वीडियो के बाद पुलिस और प्रशासन ने ऑडिटोरियम के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। परिसर में प्रवेश सीमित कर दिया गया है और अगले आदेश तक हॉल को बंद रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए इसे पूरी सतर्कता के साथ संभाला जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आपात स्थितियों में अस्थायी अनुमति दी जा सकती है, लेकिन ऐसी व्यवस्थाएं अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकतीं। जिलाधिकारी की जांच के बाद ही यह तय होगा कि जिम्मेदारी किसकी है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नगर पालिका की संपत्तियों का उपयोग नियमों के अनुसार ही हो।
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