“अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया”: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने संसद में फोड़ा गुस्सा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में दिए गए अपने भाषण में पाकिस्तान की पिछली सैन्य और राजनीतिक नीतियों पर तीखा प्रहार किया और खास तौर पर अमेरिका को निशाने पर लिया। तालिबान और अफगानिस्तान के युद्धों का जिक्र करते हुए आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान बार-बार ऐसे संघर्षों में कूदा, जो उसके अपने राष्ट्रीय हित में नहीं ..

“अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया”: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने संसद में फोड़ा गुस्सा
11-02-2026 - 11:20 AM

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में दिए गए अपने भाषण में पाकिस्तान की पिछली सैन्य और राजनीतिक नीतियों पर तीखा प्रहार किया और खास तौर पर अमेरिका को निशाने पर लिया। तालिबान और अफगानिस्तान के युद्धों का जिक्र करते हुए आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान बार-बार ऐसे संघर्षों में कूदा, जो उसके अपने राष्ट्रीय हित में नहीं थे, बल्कि बाहरी शक्तियों की सेवा के लिए थे। उन्होंने माना कि ये गंभीर गलतियां थीं, जिनकी भारी कीमत देश आज भी चुका रहा है।

जिहाद का दुरुपयोग हुआ, पाकिस्तान ने कीमत चुकाई’

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सार्वजनिक तौर पर भले ही कुछ और बताया गया हो, लेकिन पाकिस्तान ने अफगान युद्धों में इस्लाम की रक्षा के लिए हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तानियों को जिहाद के नाम पर लड़ने और मरने भेजा गया, जिसे उन्होंने एक गंभीर रूप से गलत फैसला बताया।

रक्षा मंत्री के अनुसार, इन युद्धों को ठहराने के लिए पाकिस्तान के शिक्षा पाठ्यक्रम तक में बदलाव किए गए, और आज भी वे बदलाव पूरी तरह वापस नहीं लिए जा सके हैं

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि 1980 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ अफगानिस्तान में हुआ संघर्ष किसी धार्मिक कर्तव्य के कारण नहीं बल्कि अमेरिकी रणनीति के तहत था। आसिफ का कहना था कि रूस ने अफगानिस्तान पर ऐसा कब्जा नहीं किया था, जिसे जिहाद कहा जा सके, फिर भी पाकिस्तान उसमें कूद पड़ा—और उस गलती के दुष्परिणाम दशकों बाद भी कायम हैं

अमेरिका ने इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया’

रक्षा मंत्री ने 1999 के बाद अफगानिस्तान में पाकिस्तान की दोबारा दखलअंदाजी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस समय पाकिस्तान ने एक बार फिर वॉशिंगटन के साथ खड़े होकर अमेरिकी समर्थन हासिल करने की कोशिश की।

आसिफ ने कहा कि इस फैसले की पाकिस्तान ने बहुत भारी कीमत” चुकाई और देश आज तक उस नुकसान से उबर नहीं पाया

उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासकों जिया-उल-हक और परवेज़ मुशर्रफ पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तान को ऐसे युद्धों में झोंक दिया जो उसके अपने नहीं थे। बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के साथ टॉयलेट पेपर से भी बदतर व्यवहार किया गया—काम निकाला गया और फिर फेंक दिया गया।”

2001 के बाद का दौर और स्थायी नुकसान

2001 के बाद के समय का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘वॉर ऑन टेरर’ का समर्थन करने के लिए तालिबान के खिलाफ रुख अपना लिया। हालांकि अमेरिका बाद में वहां से निकल गया, लेकिन उसके दुष्परिणाम आज भी पाकिस्तान झेल रहा है

आसिफ ने सांसदों से कहा, वह नुकसान कभी पूरा नहीं किया जा सकता।” उन्होंने इन फैसलों को अपरिवर्तनीय गलतियां बताया और कहा कि इन्हीं नीतियों ने पाकिस्तान को दूसरों के युद्धों का मोहरा बना दिया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।