ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच मोहन भागवत का संदेश: “कोई देश अकेले नहीं रह सकता”, स्वदेशी पर जोर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में अपने वार्षिक संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना करते हुए कहा कि “कोई भी देश अलग-थलग रहकर जीवित नहीं रह सकता।” उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर बल देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बनाए रखने की अपील..
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में अपने वार्षिक संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना करते हुए कहा कि “कोई भी देश अलग-थलग रहकर जीवित नहीं रह सकता।” उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर बल देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बनाए रखने की अपील की।
ट्रंप टैरिफ पर टिप्पणी
भागवत ने कहा, “अमेरिका की नई टैरिफ नीति उनके हित में बनाई गई है, लेकिन इसका असर सब पर पड़ा है। दुनिया आपसी निर्भरता पर चलती है। कोई भी देश अकेले नहीं रह सकता। यह निर्भरता मजबूरी में न बदले, इसलिए हमें स्वदेशी पर भरोसा करना होगा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा। साथ ही, सभी मित्र देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने होंगे – जो हमारी इच्छा से हों, न कि दबाव से।”
भारत से वैश्विक अपेक्षाएं
- उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत की ओर देख रही है कि वह वैश्विक समस्याओं का समाधान बताए।
- “विश्व चाहता है कि भारत उदाहरण पेश कर नेतृत्व करे और सबको मार्ग दिखाए।”
विविधता और सामाजिक सौहार्द
भागवत ने भारत की विविधता पर जोर देते हुए कहा कि कुछ ताकतें इसे “भिन्नता में बदलने की कोशिश” कर रही हैं।
- “भारत ने हमेशा बाहरी विचारधाराओं को अपनाया है। विविधता को स्वीकार किया है। मगर आज प्रयास किए जा रहे हैं कि इस विविधता को मतभेद में बदला जाए। हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे शब्द किसी भी आस्था या धर्म का अपमान न करें।”
- उन्होंने हिंसा और अराजकता की निंदा करते हुए कहा कि “कानून हाथ में लेना, सड़कों पर आना और हिंसा-उपद्रव करना गलत है। समुदाय को भड़काना और ताकत का प्रदर्शन करना पूर्व-नियोजित साजिशें हैं।”
गांधी-शास्त्री को श्रद्धांजलि
- गांधी जयंती पर उन्होंने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि गांधीजी ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम लड़ा बल्कि स्वतंत्र भारत का एक “स्व-आधारित दृष्टिकोण” भी प्रस्तुत किया।
- उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी सादगी, ईमानदारी और समर्पण के लिए श्रद्धांजलि दी।
आतंकवाद पर सरकार-सेना की भूमिका
भागवत ने हाल ही के पाहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 नागरिकों की हत्या हुई) पर बोलते हुए कहा..
- “सरकार और सशस्त्र बलों ने पूरी तैयारी के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया। यह देश की एकता और संकल्प का प्रतीक है। इस घटना और जवाबी कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि भारत के असली मित्र देश कौन हैं।”
- उन्होंने चेताया कि देश के भीतर भी कुछ “असंवैधानिक तत्व” हैं जो अस्थिरता फैलाने की कोशिश करते हैं।
RSS शताब्दी समारोह
- इस बार का विजयदशमी कार्यक्रम खास था क्योंकि RSS अपनी स्थापना के 100 वर्ष मना रहा है।
- नागपुर मुख्यालय में संघ प्रार्थना के साथ आयोजन हुआ, जिसमें संघ प्रमुख के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
- पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
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