अनिल अंबानी: दुनिया के छठे सबसे अमीर शख्स से लेकर स्टेट बैंक द्वारा 'फ्रॉड' ठहराए जाने तक
एक समय दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति रहे अनिल अंबानी, अब गंभीर संकट में घिरते नजर आ रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के कर्ज खाते को 'धोखाधड़ी' (Fraud) घोषित करने का निर्णय लिया है..
मुंबई। एक समय दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति रहे अनिल अंबानी, अब गंभीर संकट में घिरते नजर आ रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के कर्ज खाते को 'धोखाधड़ी' (Fraud) घोषित करने का निर्णय लिया है। अनिल अंबानी इस कंपनी के पूर्व निदेशक रह चुके हैं।
SBI ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि RCom को 'फ्रॉड' घोषित किए जाने की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी दी जाएगी। माना जा रहा है कि SBI के इस कदम के बाद, अन्य कर्जदाता बैंक भी इसी दिशा में कार्रवाई कर सकते हैं।
अनिल अंबानी का पतन: एक नजर
कभी करोड़ों की संपत्ति और कारोबारी साम्राज्य के मालिक रहे अनिल अंबानी अब कई देशों में धोखाधड़ी, फंड डायवर्जन, फर्जी गारंटी, डिफॉल्ट जैसे मामलों में फंसे हैं। उनके प्रमुख कंपनियों — रिलायंस पावर, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर — से जुड़े विवादों ने उनके पतन में बड़ी भूमिका निभाई है।
रिलायंस पावर (2024)
- मई 2024 में, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के प्रमुख को हटाया गया, क्योंकि उन्होंने रिलायंस पावर को कथित तौर पर फर्जी बैंक दस्तावेज़ों के जरिए सोलर टेंडर में भाग लेने की अनुमति दी थी।
- नवंबर में कंपनी पर तीन साल का टेंडर प्रतिबंध लगा।
- हालांकि, बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने यह प्रतिबंध हटा दिया।
रिलायंस कैपिटल (2018-2020)
- 2018–19 में Price Waterhouse Coopers (PWC) और Grant Thornton ने कंपनी में धोखाधड़ी वाले लेन-देन का खुलासा किया।
- PWC ने लगभग ₹12,751 करोड़ के संदिग्ध ऋण और निवेश की बात उठाई।
- ग्रांट थॉर्नटन ने बताया कि ₹12,000 करोड़ रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस के ज़रिए डायवर्ट किए गए।
- इसके चलते SEBI ने अनिल अंबानी और अन्य पर ₹25 करोड़ का जुर्माना लगाया और बाज़ार में प्रवेश पर रोक भी लगाई।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (RInfra)
- 2011 की ऊर्जा खरीद डील को लेकर मुंबई की कंपनी धुरसर सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड ने ₹88 करोड़ के डिफॉल्ट पर दिवालिया कार्रवाई शुरू की।
- RInfra ने अपील की कि उन्होंने ₹92.68 करोड़ चुका दिए हैं, जिससे याचिका वैध नहीं है।
- अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
- अगली सुनवाई 18 जुलाई को है।
सेबी की व्यक्तिगत कार्रवाई
- SEBI ने रिलायंस होम फाइनेंस से धन डायवर्जन के चलते अनिल अंबानी पर 5 साल का प्रतिबंध लगाया है।
- वे अगस्त 2029 तक सिक्योरिटी मार्केट से पूरी तरह बाहर रहेंगे।
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