अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला दिल्ली पहुँचे, आज करेंगे पीएम मोदी से मुलाकात
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, रविवार को एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के बाद भारत लौट आए हैं। आज उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात तय है। इसके बाद भारतीय वायुसेना के इस ग्रुप कैप्टन के लखनऊ जाकर अपने परिवार से मिलने की संभावना..
नयी दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, रविवार को एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के बाद भारत लौट आए हैं। आज उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात तय है। इसके बाद भारतीय वायुसेना के इस ग्रुप कैप्टन के लखनऊ जाकर अपने परिवार से मिलने की संभावना है। शुक्ला 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे थे और रविवार तड़के वे दिल्ली पहुँचे।
दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, तथा उनके परिवार (पत्नी और पुत्र सहित) ने किया।
A moment of pride for India! A moment of glory for #ISRO! A moment of gratitude to the dispensation that facilitated this under the leadership of PM @narendramodi.
India’s Space glory touches the Indian soil… as the iconic son of Mother India, #Gaganyatri Shubhanshu Shukla… pic.twitter.com/0QJsYHpTuS — Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) August 16, 2025
शुक्ला, नासा के एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे, जो 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था। वे 41 वर्षों बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय बने।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स (X) पर लिखा, “भारत के लिए गर्व का क्षण! इसरो के लिए गौरव का क्षण! उस सरकार के प्रति आभार का क्षण जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संभव बनाया। भारत की अंतरिक्ष महिमा भारतीय भूमि को छू रही है… जैसे ही भारत माता के इस प्रतिष्ठित सपूत, गगनयात्री शुभांशु शुक्ला, आज सुबह दिल्ली उतरे। उनके साथ एक और समान रूप से प्रतिष्ठित ग्रुप कैप्टन प्रसंथ बालकृष्णन नायर भी मौजूद हैं, जिन्हें भारत के पहले मानव मिशन गगनयान के लिए चुना गया है और जो ISS मिशन के लिए भारत के नामित बैकअप थे।”
उन्होंने आगे लिखा, “दिल्ली हवाई अड्डे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और बाद में छात्रों के समूह के साथ, दोनों का स्वागत कर पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही।”
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