बरेली हिंसा के आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा ख़ान के बेटे को हाईवे हादसे के बाद हिरासत में लिया गया, बाद में छोड़ा गया
सितंबर 2025 की बरेली हिंसा के कथित मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रज़ा ख़ान के बेटे फरमान रज़ा ख़ान को मंगलवार देर रात शाहजहांपुर जिले में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया..
शाहजहांपुर। सितंबर 2025 की बरेली हिंसा के कथित मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रज़ा ख़ान के बेटे फरमान रज़ा ख़ान को मंगलवार देर रात शाहजहांपुर जिले में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। हादसे के बाद उनकी कार से संदिग्ध मादक पदार्थ और एक सिरिंज बरामद होने की बात सामने आई। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
यह घटना रात करीब 9 बजे तिलहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कच्छियानी खेड़ा गांव के पास लखनऊ–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। फरमान रज़ा, जो हुंडई वर्ना कार चला रहे थे, ने कथित तौर पर पीछे से सीतापुर डिपो की एक रोडवेज बस में टक्कर मार दी। टक्कर से कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि फरमान को गंभीर चोट नहीं आई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुरमान रज़ा पहले बरेली से प्रयागराज अपने पिता की जमानत से जुड़े मामले में एक वकील से मिलने जा रहे थे। मौलाना तौकीर रज़ा ख़ान इस समय फ़तेहगढ़ जेल में बंद हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बीच रास्ते में उनकी यात्रा योजना बदल गई, जिसके चलते वे देर रात शाहजहांपुर की ओर निकल पड़े।
पुलिस का संदेह तब बढ़ गया जब दुर्घटना स्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने फरमान के व्यवहार को “असामान्य” बताया। जब उनसे कार की डिक्की खोलने को कहा गया तो उन्होंने कथित तौर पर इनकार कर दिया और पुलिस से बहस करने लगे, जिससे व्यस्त हाईवे पर कुछ देर के लिए हंगामा हो गया।
इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दीक्षा भावरे अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस हस्तक्षेप के बाद कार की डिक्की खोली गई, जिसमें से एक सूटकेस बरामद हुआ।
एएसपी दीक्षा भावरे ने बताया, “सूटकेस की जांच में करीब आधा ग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ और एक सिरिंज बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नशे का सेवन करता है। उसे हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई गई है और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
फरमान रज़ा ख़ान को बरामद सामान के साथ तिलहर थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। सूटकेस से मिले सफेद पाउडर को उसकी वास्तविक प्रकृति की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इस मामले में सजा एक साल से कम होने के कारण आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसिज़ एक्ट) की संबंधित धाराएं लगाए जाने की संभावना है।
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