केरल में फंसे ब्रिटिश F-35 स्टील्थ फाइटर को किया जाएगा डिसमेंटल, मरम्मत के लिए ले जाया जाएगा: रिपोर्ट
केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से तकनीकी कारणों से खड़ा ब्रिटिश F-35 स्टील्थ फाइटर अब संभवतः डिसमैंटल (विखंडित) कर मरम्मत के लिए भेजा जाएगा..
तिरुवनंतपुरम। केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से तकनीकी कारणों से खड़ा ब्रिटिश F-35 स्टील्थ फाइटर अब संभवतः डिसमैंटल (विखंडित) कर मरम्मत के लिए भेजा जाएगा। यह जानकारी CNN-News18 की एक रिपोर्ट में दी गई है।
यह पांचवीं पीढ़ी का सुपरसोनिक स्टील्थ फाइटर 14 जून को खराब मौसम के कारण आपातकालीन लैंडिंग करते हुए केरल पहुंचा था। यह युद्धक विमान लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित किया गया है और इसकी कीमत 110 मिलियन डॉलर (लगभग ₹920 करोड़ रुपये) से अधिक बताई जाती है।
यह फाइटर ब्रिटेन के विमानवाहक पोत 'HMS Prince of Wales' के स्ट्राइक ग्रुप के साथ भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास में भाग ले रहा था, जब इसे केरल की ओर मोड़ा गया।
क्या हुआ था?
- विमान को केवल रीफ्यूलिंग के बाद रवाना होना था, लेकिन ज़मीन पर उतरने के बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई।
- तब से यह एयरपोर्ट के बे नंबर 4 पर खड़ा है।
- अब रिपोर्ट के अनुसार, विमान को खोलकर अलग-अलग हिस्सों में बांटकर मरम्मत के लिए स्थानांतरित किया जाएगा।
पर्यटन में बदल गया फाइटर जेट..!
इस दुर्लभ घटना ने केरल टूरिज्म को भी प्रचार का एक रोचक मौका दे दिया।केरल टूरिज्म विभाग ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक मज़ेदार पोस्ट की, “केरल — एक ऐसा डेस्टिनेशन, जिसे आप छोड़ना नहीं चाहेंगे। धन्यवाद, The Fauxy.”
पोस्ट में एक व्यंग्यात्मक “रिव्यू” भी जोड़ा गया, जो कथित रूप से UK के F-35 विमान से जुड़ा है:
"केरल बहुत ही अद्भुत जगह है, मैं यहां से जाना नहीं चाहता। ज़रूर सिफारिश करूंगा।"
यह घटना एक तरफ जहां रक्षा सहयोग और संयुक्त अभ्यासों की वास्तविकताओं को सामने लाती है, वहीं केरल की क्रिएटिव टूरिज्म मार्केटिंग का भी अनोखा उदाहरण बन गई है।
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