मैक्रों की तारीफ के बाद UPI को लेकर कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) व्यवस्था की प्रशंसा किए जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली की मूल परिकल्पना यूपीए सरकार के दौरान की गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस पहल का अनुचित श्रेय लेने का आरोप..
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) व्यवस्था की प्रशंसा किए जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली की मूल परिकल्पना यूपीए सरकार के दौरान की गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस पहल का अनुचित श्रेय लेने का आरोप लगाया।
विपक्षी दल ने मोदी की तुलना एक ऐसे छात्र से की, जो समूह परियोजना में बहुत कम योगदान देता है, लेकिन अंत में आकर पूरा श्रेय लेने की कोशिश करता है।
गुरुवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों ने डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में भारत के परिवर्तन को रेखांकित किया और इसे एक उल्लेखनीय तकनीकी व सामाजिक उपलब्धि बताया।
मैक्रों ने कहा,
“दस साल पहले मुंबई का कोई सड़क किनारे सामान बेचने वाला व्यक्ति बैंक खाता नहीं खोल सकता था। न पता, न कागजात, न पहुंच। और आज वही विक्रेता अपने फोन पर तुरंत भुगतान स्वीकार करता है—तुरंत, मुफ्त, देश के किसी भी व्यक्ति से।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ तकनीक की कहानी नहीं है, यह एक सभ्यता की कहानी है। भारत ने ऐसा कुछ बनाया है, जो दुनिया के किसी और देश ने नहीं बनाया—1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान। एक भुगतान प्रणाली, जो अब हर महीने 20 अरब लेनदेन संसाधित करती है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि UPI ने कठिन परिस्थितियों में भी निर्बाध ऑनलाइन लेनदेन को संभव बनाया और डिजिटल खाई को पाटने में अहम भूमिका निभाई।
इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के UPI को लेकर किए जा रहे दावों की आलोचना की।
खेड़ा ने लिखा, “हम सभी उस एक सहपाठी को याद करते हैं जो समूह परियोजना में कोई काम नहीं करता, लेकिन अंत में आकर पूरा श्रेय ले जाता है। वही हैं नरेंद्र मोदी।”
खेड़ा ने कहा कि UPI की नींव 2012–2013 के दौरान उस समूह ने रखी थी, जिसका नेतृत्व नंदन नीलेकणी कर रहे थे, जो उस समय भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अध्यक्ष थे।
उन्होंने कहा, “जिस UPI आर्किटेक्चर की इमैनुएल मैक्रों ने प्रशंसा की है, उसकी शुरुआती परिकल्पना 2012–2013 में नंदन नीलेकणी के नेतृत्व वाले समूह के तहत की गई थी।”
खेड़ा ने यह भी जोड़ा कि यूपीए सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने दिसंबर 2013 में मोबाइल-आधारित डिजिटल भुगतान अवसंरचना की सिफारिश की थी।
उन्होंने कहा, “2010 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) ने इसकी तकनीकी रीढ़ तैयार की। NPCI ने 2013–2014 में उस मूल ढांचे को डिजाइन करना शुरू किया, जो आगे चलकर UPI बना।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नवाचार से ज्यादा प्रचार पर ध्यान देते हैं।
उन्होंने कहा, “क्रांतिकारी विचार सोचने की क्षमता से वंचित मोदी फीता काटने, बेतुके संक्षिप्त शब्द गढ़ने, कांग्रेस को कोसने और श्रेय चुराने में ही खुश रहते हैं।”
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