"पढ़े-लिखे मुस्लिमों को ममता सरकार को सत्ता से हटाने के लिए आगे आना चाहिए": बीजेपी के नये बंगाल अध्यक्ष सुमिक भट्टाचार्य
पश्चिम बंगाल बीजेपी के नवनियुक्त अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि पार्टी उन कट्टरपंथी ताक़तों के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी जिन्हें ममता बनर्जी सरकार का संरक्षण मिल रहा..
कोलकाता। पश्चिम बंगाल बीजेपी के नवनियुक्त अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि पार्टी उन कट्टरपंथी ताक़तों के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी जिन्हें ममता बनर्जी सरकार का संरक्षण मिल रहा है। साथ ही उन्होंने राज्य के पढ़े-लिखे मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सत्ता से बाहर करने में भूमिका निभाएं।
पार्टी के राज्य अध्यक्ष के तौर पर अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, "बीजेपी श्यामा प्रसाद मुखर्जी के समावेशी विचारों में विश्वास रखती है क्योंकि भारत की पहचान बहुलवाद (pluralism) से है।"
उन्होंने कहा, “बीजेपी ध्रुवीकरण (polarisation) में विश्वास नहीं करती। हम सबको साथ लेकर प्रगति के पथ पर चलना चाहते हैं, न कि किसी एक समुदाय का तुष्टिकरण करना। हम किसी भी तरह के कट्टरपंथ का विरोध करेंगे और हिंदुओं एवं अन्य समुदायों पर होने वाले हमलों का पुरजोर प्रतिकार करेंगे।”
भट्टाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से उनके कोई मतभेद नहीं हैं। उन्होंने कहा, “शुभेंदु भी मुर्शिदाबाद में एक विशेष समुदाय के कुछ उग्र तत्वों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में की गई हिंसा से उतने ही आहत थे जितना मैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर वह हिंदू एकता की बात करते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। दरअसल, जो लोग हज़ारों वर्षों से हिंदुस्तान में रह रहे हैं, वे सभी हिंदू हैं, चाहे वे किसी भी धर्म को मानते हों, चाहे वह इस्लाम ही क्यों न हो। बीजेपी हमेशा से हर धर्म को मानने के अधिकार की समर्थक रही है। 'बधुत्ववाद' ही 'हिंदुत्ववाद' है।”
राज्यसभा सांसद भट्टाचार्य ने यह आरोप भी लगाया कि तृणमूल सरकार मुस्लिम समुदाय पर ही अत्याचार कर रही है। उन्होंने कहा, “जब निर्दोष मुस्लिमों पर TMC के गुंडे हमला करते हैं, तब पुलिस को निष्क्रिय कर दिया जाता है। हाल के वर्षों में इस समुदाय के कई लोग मारे गए, घायल हुए, उनके घर जलाए गए। पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए क्या किया?”
उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अपील की, “आप पत्थर छोड़िए और किताबें उठाइए, तभी आपका आर्थिक विकास होगा। ममता बनर्जी सरकार ने आपको सिर्फ वोट बैंक समझा है।”
भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि टीएमसी की "विभाजनकारी राजनीति" के कारण कोलकाता एक बार फिर पूर्व-स्वतंत्रता काल जैसी स्थिति में पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, “मुखर्जी और वामपंथी नेता ज्योति बसु ने इस राज्य की अस्मिता को बचाने के लिए काम किया था। बीजेपी भी उसी दिशा में कार्य करेगी। मैं पढ़े-लिखे मुस्लिम समाज से आग्रह करता हूं कि इस सरकार को उखाड़ फेंकिए। अगले 20 वर्षों तक केंद्र में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। राज्य में बीजेपी की सरकार आपके विकास की गारंटी होगी।”
उन्होंने विधानसभा में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए भी टीएमसी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री अशोक लाहिडी की टिप्पणियों को कार्यवाही से हटवा दिया, क्योंकि यह सरकार अपनी नीतियों की आलोचना सुनने को तैयार नहीं है। यह तानाशाही है। राज्य की जनता 2026 के विधानसभा चुनाव में इस सरकार को समुद्र में फेंक देगी।”
भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि TMC “भाषा आधारित नफरत की राजनीति को बढ़ावा” दे रही है।
उन्होंने सवाल किया, “क्या बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग जो सदियों से यहाँ रह रहे हैं, हमारे नहीं हैं? हिंदी भाषी समुदाय को क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जो इस राज्य और देश दोनों का हिस्सा हैं? दरअसल, कांग्रेस की शाखा रही TMC की मानसिकता हमेशा संकीर्ण रही है। याद कीजिए, कैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कांग्रेस में हाशिए पर डाल दिया गया था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी की "सत्ता की हवस" के कारण 27 दिनों में 56 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई।
राज्य की शिक्षा और रोजगार व्यवस्था पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “WBJEE के नतीजे अब तक घोषित नहीं हुए हैं, महीनों बीत चुके हैं। कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। 44 कॉलेजों के शासी निकायों में ऐसे टीएमसी कार्यकर्ता बैठे हैं जिनका शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।”
उन्होंने सभी राजनीतिक विचारधाराओं, खासतौर पर वामपंथियों से अपील की कि वे बीजेपी को वोट दें।
उन्होंने कहा, “मैं फिर दोहराता हूं — अपने पार्टी के झंडे और रंग घर पर छोड़ दीजिए। पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर हाथ मिलाइए और मिलकर इस टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर कीजिए। वोट काटने वालों को जनता गद्दार मानेगी और माफ नहीं करेगी।”
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