पूर्व भाजपा विधायक ज्ञान देव आहूजा जिन्होंने दलित नेता के मंदिर दर्शन के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया था, पार्टी से निष्कासित..
राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को अपने पूर्व विधायक ज्ञान देव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया..
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को अपने पूर्व विधायक ज्ञान देव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। आहूजा हाल ही में एक मंदिर शुद्धिकरण विवाद के केंद्र में थे।
भाजपा के आदेश के अनुसार, पार्टी की अनुशासन समिति द्वारा जांच के बाद आहूजा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने ‘अनुशासनहीनता’ के आरोप में उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का आदेश दिया।
भाजपा ने अपने बयान में कहा, "भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अनुशासनहीनता प्रमाणित होने के बाद पूर्व विधायक ज्ञान देव आहूजा की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का आदेश दिया है।"
यह विवाद इस महीने की शुरुआत में तब भड़का जब पूर्व विधायक ने राजस्थान के अलवर स्थित एक राम मंदिर में, नेता प्रतिपक्ष टिकराम जूली के दर्शन करने के बाद, गंगाजल छिड़ककर मंदिर का ‘शुद्धिकरण’ किया। टिकराम जूली दलित समुदाय से आते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आहूजा के इस कृत्य को दलित समुदाय का अपमान बताया था।
रविवार को ही आहूजा भाजपा की अनुशासन समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने पहुंचे थे।
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए आहूजा ने कहा, "मैंने कोई भी दलित विरोधी कार्य नहीं किया है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस के प्रचार के दबाव में आकर उन्हें निष्कासित कर दिया, जो कि एक गलती है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हैं, पर बदनामी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह इसके खिलाफ मुकदमा दायर करेंगे।
मंदिर शुद्धिकरण विवाद के बाद आहूजा ने कहा था कि कांग्रेस नेताओं को ऐसे धार्मिक आयोजनों में भाग लेने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे और पिछले साल अयोध्या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया था।
उन्होंने दावा किया कि उनके इस कृत्य का दलित समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है।
अलवर के एक आवासीय सोसाइटी में रामनवमी के अवसर पर करीब 20 दिन पहले एक राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें टिकराम जूली भी उपस्थित थे।
आहूजा ने स्पष्ट किया कि उनका शुद्धिकरण का कदम कांग्रेस नेताओं के भगवान राम के प्रति नजरिये और रवैये के कारण था, न कि टीकराम जूली के दलित होने के कारण।
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