जयपुर सीरियल ब्लास्ट के जिंदा बम मामले में चार आतंकवादियों को उम्रकैद की सजा
साल 2008 में जयपुर में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के दौरान एक जिंदा बम मिलने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने चार आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ये धमाके 13 मई 2008 को हुए थे, जिनमें आठ बम फटे थे, जबकि एक नौवां बम चांदपोल बाजार स्थित एक गेस्ट हाउस के पास बरामद हुआ था।..
जयपुर। साल 2008 में जयपुर में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के दौरान एक जिंदा बम मिलने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने चार आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ये धमाके 13 मई 2008 को हुए थे, जिनमें आठ बम फटे थे, जबकि एक नौवां बम चांदपोल बाजार स्थित एक गेस्ट हाउस के पास बरामद हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उस बम को निष्क्रिय कर दिया था, जिससे एक और बड़ा हादसा टल गया था।
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कोर्ट से मांग की कि इन दोषियों को शेष जीवन तक जेल में रखा जाए। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी पहले ही 15 वर्षों से जेल में हैं और अन्य मामलों में उन्हें हाईकोर्ट से बरी किया जा चुका है। ऐसे में उन्हें सजा में कुछ राहत मिलनी चाहिए।
इससे पहले कोर्ट ने शुक्रवार को इन चारों को दोषी करार दिया था। सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आज़मी और शाहबाज़ अहमद को जिंदा बम मामले में दोषी ठहराया गया है। अदालत ने इन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की उन धाराओं के तहत सजा सुनाई है, जिनमें अधिकतम दंड के रूप में उम्रकैद का प्रावधान है।
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