यूपीआई लिमिट से लेकर गोल्ड लोन तक: बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए RBI की 6 बड़ी घोषणाएं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए छह नई नियामक घोषणाएं कीं। इसके साथ ही मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की तीन दिवसीय बैठक के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 6% पर लाने का ऐलान किया..

यूपीआई लिमिट से लेकर गोल्ड लोन तक: बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए RBI की 6 बड़ी घोषणाएं
11-04-2025 - 08:57 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए छह नई नियामक घोषणाएं कीं। इसके साथ ही मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की तीन दिवसीय बैठक के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 6% पर लाने का ऐलान किया।

इन छह घोषणाओं में से चार बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि दो फिनटेक कंपनियों के लिए हैं। RBI आज इन सभी प्रस्तावों के मसौदे जारी करेगा और जनता से सुझाव भी मांगेगा।

 RBI की प्रमुख 6 घोषणाएं

क्रमांक

प्रस्ताव

विवरण

1

स्ट्रेस्ड एसेट्स के सेक्युरिटाइजेशन के लिए नया ढांचा

अब स्ट्रेस्ड एसेट्स को केवल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) के माध्यम से ही नहीं, बल्कि एक मार्केट-ड्रिवन मैकेनिज्म के जरिए भी सेक्युरिटाइज किया जा सकेगा। इससे जोखिम का बेहतर वितरण और बैंकों को एग्जिट का विकल्प मिलेगा।

2

को-लेंडिंग नियमों का विस्तार

वर्तमान में को-लेंडिंग नियम केवल बैंकों और NBFCs के बीच प्राथमिक क्षेत्र (priority sector) तक सीमित हैं। अब यह सभी विनियमित संस्थाओं (REs) और सभी लोन श्रेणियों तक विस्तारित होंगे।

3

सोने के गहनों पर ऋण के लिए समान नियम

सभी वित्तीय संस्थाओं के लिए गोल्ड-बैक्ड लोन पर एक समान दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे ताकि इस क्षेत्र में जोखिमों को कम किया जा सके और नियमों को एकरूप बनाया जा सके

4

नॉन-फंड बेस्ड सुविधाओं के लिए संशोधित दिशा-निर्देश

गारंटी, लेटर ऑफ क्रेडिट, को-एक्सेप्टेंस जैसी सुविधाओं के लिए नियमों का एकीकरण किया जाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को बढ़ावा देने के लिए पार्शियल क्रेडिट एन्हांसमेंट पर भी ध्यान होगा।

5

UPI ट्रांजैक्शन लिमिट में लचीलापन

अभी अधिकतर UPI लेनदेन की सीमा ₹1 लाख है। अब NPCI को ये अधिकार मिलेगा कि वह स्टेकहोल्डर्स से परामर्श करके लिमिट तय कर सके। बैंक अपने आंतरिक नियम तय कर सकेंगे लेकिन P2P लेनदेन की ₹1 लाख की सीमा बरकरार रहेगी।

6

ऑन टैप’ और ‘थीम-न्यूट्रल’ रेगुलेटरी सैंडबॉक्स

अब फिनटेक कंपनियां किसी भी समय अपने नवाचारों को थीम-न्यूट्रल और ओपन-एंडेड सैंडबॉक्स में टेस्ट कर सकेंगी। पहले ये केवल निर्धारित विषय और समय तक सीमित होता था।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।