SEBI ने नए ‘एल्गो ट्रेडिंग’ नियमों की घोषणा की: रिपोर्ट

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजारों को एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग (Algo Trading) प्रदाताओं को सूचीबद्ध करने और API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के उपयोग के लिए नए नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।

SEBI ने नए ‘एल्गो ट्रेडिंग’ नियमों की घोषणा की: रिपोर्ट
06-02-2025 - 07:50 AM

मुंबई। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजारों को एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग (Algo Trading) प्रदाताओं को सूचीबद्ध करने और API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के उपयोग के लिए नए नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं

क्या है एल्गो ट्रेडिंग?

एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, जिसे "एल्गो ट्रेडिंग" भी कहा जाता है, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पूर्व-निर्धारित नियमों के आधार पर कंप्यूटर प्रोग्राम के माध्यम से ट्रेडिंग ऑर्डर निष्पादित किए जाते हैं

  • यह प्रणाली तेजी और उच्च आवृत्ति (High Frequency) में ट्रेडिंग करने में सक्षम होती है, जो कि इंसानों के लिए संभव नहीं है।
  • संस्थागत और खुदरा दोनों निवेशक भारत में पहले से ही एल्गो ट्रेडिंग का उपयोग कर रहे हैं।
  • हालांकि, मौजूदा नियमों में कई खामियां थीं, जिससे निवेशकों को जोखिम हो सकता था।

एल्गो ट्रेडिंग नियमों का क्रियान्वयन

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट की मानें तो ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम नए एल्गो ट्रेडिंग मानकों को 1 अप्रैल 2025 से पहले तैयार करेगा और 1 अगस्त 2025 से ये प्रभावी होंगे।

नए एल्गो ट्रेडिंग नियमों की प्रमुख बातें

 शेयर बाजारों के माध्यम से निगरानी

  • नए सुरक्षा उपायों (Guardrails) को शेयर बाजारों के जरिए लागू किया जाएगा
  • इसमें एल्गो ट्रेडिंग प्रदाताओं के पैनल की सूची तैयार करने का प्रावधान शामिल है।

 ब्रोकरों के लिए नियम

  • ब्रोकर केवल उन्हीं एल्गो ट्रेडिंग प्रदाताओं को शामिल कर सकेंगे, जो स्टॉक एक्सचेंज के साथ सूचीबद्ध (empaneled) होंगे
  • ब्रोकरों को स्टॉक एक्सचेंज से अनुमति लेनी होगी, शिकायतों का समाधान करना होगा और प्रतिबंधित गतिविधियों की निगरानी करनी होगी।

 खुले API (Open API) प्रतिबंधित

  • ओपन API की अनुमति नहीं होगी
  • केवल विशिष्ट वेंडर क्लाइंट (Unique Vendor Client) के माध्यम से ही एक्सेस दिया जाएगा ताकि पहचान और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

 निजी निवेशकों के लिए नियम

  • जो निवेशक खुद एल्गो विकसित करते हैं, उन्हें अपने ब्रोकर के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में पंजीकरण कराना होगा
  • इन्हें प्रति सेकंड ऑर्डर (Order Per Second) की एक सीमा का पालन करना होगा
  • निवेशकों को अपने करीबी पारिवारिक सदस्यों को अपने एल्गो का उपयोग करने की अनुमति देने की छूट होगी

 ब्लैकबॉक्स एल्गो के लिए विशेष नियम

  • ब्लैकबॉक्स एल्गो (जो अपनी लॉजिक प्रणाली का खुलासा नहीं करते) को SEBI के साथ रिसर्च एनालिस्ट के रूप में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा

SEBI के नए नियमों का उद्देश्य एल्गो ट्रेडिंग को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। इससे निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी और ट्रेडिंग गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण संभव होगाBottom of Form

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।