उत्तराखंड की 5,700 वक्फ संपत्तियों की जांच करेगी सरकार, रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे: पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में पंजीकृत 5,700 वक्फ संपत्तियों की व्यापक जांच कराएगी ताकि अतिक्रमण की पहचान की जा सके..
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में पंजीकृत 5,700 वक्फ संपत्तियों की व्यापक जांच कराएगी ताकि अतिक्रमण की पहचान की जा सके और जहां उल्लंघन पाए जाएं वहां सख्त कार्रवाई की जा सके।
धामी ने यह घोषणा देहरादून स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में आयोजित वक्फ संशोधन अधिनियम पर जन-जागरूकता अभियान के राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान की। यह अभियान 20 अप्रैल से शुरू होकर 5 मई तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में मौजूद सभी 5,700 वक्फ संपत्तियों की पूरी जांच की जाएगी... जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। सभी रिकॉर्ड पूरे सत्यापन के बाद अपडेट किए जाएंगे और वक्फ की हर इंच ज़मीन की जांच की जाएगी। उत्तराखंड में कानून का शासन है और सरकार सुनिश्चित करेगी कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग गरीब मुस्लिम भाइयों और बहनों के कल्याण के लिए हो — किसी भी प्रकार के धार्मिक पक्षपात के बिना।”
हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि धामी ने अपने भाषण में हाल ही में संसद में पारित किसी विशेष प्रावधान के क्रियान्वयन का जिक्र नहीं किया।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि कोई भी वक्फ संपत्ति — चाहे वह नोटिफिकेशन के माध्यम से घोषित हो या रजिस्ट्रेशन के ज़रिए — डिनोटिफाई नहीं की जाएगी, और न ही उनकी प्रकृति या दर्जा बदला जाएगा। साथ ही केंद्र ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई (जो मई के पहले सप्ताह में निर्धारित है) तक केंद्र या राज्य वक्फ बोर्डों में किसी भी प्रकार की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
धामी ने वक्फ संशोधन अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा, “यह सुधार देश और समाज के हित में है और गरीबों के अधिकार सुनिश्चित करता है। यह किसी की धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि मुस्लिम समुदाय के अनाथ बच्चों, विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और ज़रूरतमंद लोगों की मदद करेगा।”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुश्यंत गौतम ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य मुक्त कराई गई वक्फ भूमि का उपयोग गरीब मुस्लिमों के लिए घर बनाने में करना है। उन्होंने कहा, “यह संशोधन कोई नया कदम नहीं है। हम अतीत की गलतियों को सुधार रहे हैं — विशेष रूप से 1995 और 2013 में कांग्रेस सरकारों द्वारा की गई गड़बड़ियों को। वक्फ संपत्तियों का उपयोग जनकल्याण के लिए सही तरीके से होना चाहिए।”
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस कानून के बारे में जन-जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा, “यह जन-जागरूकता अभियान विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने में मदद करेगा और समाज के बड़े वर्ग को सच्चाई की ओर ले जाएगा।”
भाजपा नेता और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि वक्फ बोर्ड को पहले दी गई असीमित शक्तियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ। उन्होंने कहा, “न केवल इसकी ज़मीनों पर अतिक्रमण हुआ, बल्कि बोर्ड ने सरकारी और निजी संपत्तियों पर भी दावा किया।”
इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई। कांग्रेस के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यह कानून जनता का ध्यान भटकाने का एक तरीका है। उन्होंने कहा, “भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें जो महंगाई, बेरोजगारी और गिरती जीडीपी जैसी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाईं, अब वक्फ कानून को नया हथियार बना कर जनता का ध्यान इन मुद्दों से भटका रही हैं।”
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