एचएएल ने जीई के साथ 1 अरब डॉलर का सौदा किया, 113 लड़ाकू विमान इंजन खरीदे जाएंगे

भारत की सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अमेरिकी दिग्गज कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते के तहत एचएएल 113 F404-GE-IN20 इंजन खरीदेगा, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,400 करोड़) बताई जा..

एचएएल ने जीई के साथ 1 अरब डॉलर का सौदा किया, 113 लड़ाकू विमान इंजन खरीदे जाएंगे
08-11-2025 - 11:37 AM
08-11-2025 - 11:37 AM

नयी दिल्ली। भारत की सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अमेरिकी दिग्गज कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते के तहत एचएएल 113 F404-GE-IN20 इंजन खरीदेगा, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,400 करोड़) बताई जा रही है।

इस अनुबंध में भारतीय वायुसेना के लिए 97 एलसीए तेजस मार्क-1ए (LCA Mk1A) लड़ाकू विमानों के उत्पादन कार्यक्रम के निष्पादन हेतु तकनीकी और लॉजिस्टिक सपोर्ट पैकेज भी शामिल है।

सरकार की मंजूरी के बाद बड़ा कदम

यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब केंद्र सरकार ने कुछ महीने पहले ही ₹62,000 करोड़ की लागत से 97 अतिरिक्त एलसीए तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी।
एचएएल ने बताया कि यह समझौता 7 नवंबर 2025 को जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी, यूएसए के साथ किया गया है, जिसमें 113 इंजन की आपूर्ति और संबंधित सहायता पैकेज शामिल है।

“Hindustan Aeronautics Limited (HAL) has entered into an agreement with M/s. General Electric Company, USA, on 7th November 2025 for the supply of 113 Nos of F404-GE-IN20 engines and support package for execution of 97 LCA Mk1A programme.”
एचएएल की आधिकारिक घोषणा

पहले भी 99 इंजन का सौदा हुआ था

इससे पहले एचएएल ने 83 तेजस Mk1A विमानों के पहले बैच के लिए 99 GE-404 इंजन का सौदा किया था, जिसकी कीमत 716 मिलियन डॉलर थी। अब तक चार इंजन अमेरिका से भारत को प्राप्त हो चुके हैं।

तेजस विमान डिलीवरी की समयसीमा

एचएएल की योजना के अनुसार —

चरण

संख्या

डिलीवरी अवधि

पहला बैच

83 विमान

वर्ष 2029-30 तक

दूसरा बैच

97 विमान

वर्ष 2033-34 तक

हालांकि, भारतीय वायुसेना को अभी तक पहला तेजस Mk1A विमान नहीं मिला है। कई बार समयसीमा आगे बढ़ने के बाद, अब एचएएल ने वादा किया है कि पहला विमान मार्च 2026 तक सौंप दिया जाएगा।

भविष्य की योजना: GE-414 और स्वदेशी इंजन

भारत अब LCA मार्क-2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए 200 GE-414 इंजन पर भी बातचीत कर रहा है।
इसके साथ ही, भारत फ्रांसीसी कंपनी सफरान (Safran) के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन परियोजना पर भी काम कर रहा है, जो देश की रक्षा आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Defence) की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

F404-GE-IN20 इंजन की खासियत

यह इंजन F404 इंजन परिवार का हिस्सा है, जिसने अब तक 1.4 करोड़ उड़ान घंटे पूरे किए हैं और 15 अलग-अलग लड़ाकू एवं प्रोटोटाइप विमानों को शक्ति प्रदान की है।

इस समझौते के साथ भारत की स्वदेशी लड़ाकू विमान निर्माण परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी।

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