मोईन नक़वी पर संकट: बीसीसीआई ने आईसीसी बैठक में पीसीबी प्रमुख के खिलाफ बनाई बड़ी रणनीति, अफगानिस्तान करेगा भारत का समर्थन
भारत और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डों के बीच तनातनी एक बार फिर गहराती नजर आ रही है। एशिया कप ट्रॉफी विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दुबई में चल रही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की बैठक में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नक़वी के खिलाफ एक और बड़ा मुद्दा उठाने की तैयारी..
नयी दिल्ली। भारत और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डों के बीच तनातनी एक बार फिर गहराती नजर आ रही है। एशिया कप ट्रॉफी विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दुबई में चल रही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की बैठक में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नक़वी के खिलाफ एक और बड़ा मुद्दा उठाने की तैयारी में है।
बीसीसीआई की नई रणनीति मोहसिन नक़वी के खिलाफ
टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने पुष्टि की है कि बीसीसीआई ने “मोहसिन नक़वी के खिलाफ आरोपों की एक सूची तैयार की है” और उनकी दोहरी भूमिकाओं को लेकर सवाल उठाने की योजना बनाई है।
दरअसल, नक़वी इस समय पीसीबी अध्यक्ष, एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष, और पाकिस्तान के गृहमंत्री तीनों पदों पर हैं। बीसीसीआई का कहना है कि यह आईसीसी के गवर्नेंस नियमों का उल्लंघन है, जो किसी व्यक्ति को एक साथ सार्वजनिक और खेल प्रशासकीय पदों पर रहने की अनुमति नहीं देते।
अफगानिस्तान भी भारत के साथ
भारत के रुख को मजबूती देने के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) भी बीसीसीआई का समर्थन करने वाला है।
दरअसल, हाल ही में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते उस समय बिगड़ गए जब एक सैन्य हमले में तीन अफगान क्रिकेटरों की मौत हो गई, जिसके बाद अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में होने वाली त्रिकोणीय सीरीज़ से अपना नाम वापस ले लिया।
एक सूत्र ने वेबसाइट को बताया — “अफगानिस्तान भारत के पक्ष में रहेगा और नक़वी से अपने किसी एक पद से इस्तीफा देने की मांग करेगा। हालांकि नक़वी के पीछे हटने की संभावना बहुत कम है।”
क्या नक़वी आईसीसी बैठक में शामिल होंगे?
मोहसिन नक़वी की आईसीसी बोर्ड बैठक में मौजूदगी को लेकर भी संशय बना हुआ है।
पहले पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया था कि नक़वी “घरेलू राजनीतिक कारणों” से बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे और उनकी जगह पीसीबी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सुमैर सैयद भाग लेंगे।
हालांकि टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अब नक़वी 7 नवंबर को दुबई में होने वाली बैठक में शामिल हो सकते हैं, बशर्ते कि उसी दिन पाकिस्तान की सीनेट में संवैधानिक संशोधन पर होने वाली बहस से टकराव न हो।
अगर नक़वी बैठक में उपस्थित होते हैं तो बीसीसीआई का पहला मुद्दा होगा — एशिया कप ट्रॉफी विवाद, जो अब भी दुबई स्थित एसीसी मुख्यालय में पड़ी हुई है।
एशिया कप ट्रॉफी विवाद क्या है?
यह विवाद 28 सितंबर को शुरू हुआ था, जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप का खिताब जीता।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी को मोहसिन नक़वी से लेने से इंकार कर दिया था क्योंकि वे पाकिस्तान की सीनेट के सदस्य भी हैं।
नक़वी ने किसी और को यह जिम्मेदारी देने की बजाय ट्रॉफी अपने साथ ले ली।
तब से अब तक बीसीसीआई कई बार ट्रॉफी लौटाने की मांग कर चुका है, लेकिन नक़वी ने खुद हाथों से सौंपने की जिद पकड़ रखी है।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, नक़वी ने बाद में 5 नवंबर को दुबई में एक हैंडओवर समारोह आयोजित करने की पेशकश की, मगर बीसीसीआई ने इसे ठुकरा दिया और अब यह मामला आईसीसी बैठक में उठाने का निर्णय लिया है।
पीसीबी का बचाव
पीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नक़वी के कदम का बचाव करते हुए कहा, “उन्होंने एकेसीसी अध्यक्ष के रूप में अपने अधिकारों के दायरे में रहकर काम किया है। एशिया कप एसीसी के अधिकार क्षेत्र में आयोजित हुआ था, इसलिए उन्होंने कानूनी सलाह भी ली है ताकि आईसीसी में अपने पक्ष को मजबूत कर सकें।”
आईसीसी बैठक बनेगी नया रणक्षेत्र
चाहे नक़वी बैठक में शामिल हों या न हों, आईसीसी की यह बैठक भारत और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डों के बीच एक नए टकराव का मैदान बनने जा रही है।
यह संघर्ष सिर्फ ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहेगा — इसमें गवर्नेंस, प्रोटोकॉल और प्रतिष्ठा जैसे अहम मुद्दे भी दांव पर होंगे।
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