'हमसे आधी सदी पीछे हैं..!'असदुद्दीन ओवैसी ने भारत को धमकाने वाले पाकिस्तानी नेताओं को जवाब दिया
पहलगाम हमले के बाद कुछ पाकिस्तानी नेताओं द्वारा लगातार युद्ध भड़काने वाली और बेपरवाह बयानबाजी के बीच, एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पड़ोसी देश पर करारा हमला किया और चेतावनी दी..
हैदराबाद। पहलगाम हमले के बाद कुछ पाकिस्तानी नेताओं द्वारा लगातार युद्ध भड़काने वाली और बेपरवाह बयानबाजी के बीच, एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पड़ोसी देश पर करारा हमला किया और चेतावनी दी। ओवैसी ने सुझाव दिया कि पाकिस्तान या उसके नेताओं को भारत के साथ सैन्य संघर्ष में कूदने या परमाणु युद्ध की धमकी देने की जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए, क्योंकि वह भारत की सैन्य या आर्थिक ताकत का मुकाबला नहीं कर सकता।
ओवैसी ने कहा, "वे (पाकिस्तान) आधे घंटे नहीं, बल्कि हमसे आधी सदी पीछे हैं। हमारा सैन्य बजट उनके राष्ट्रीय बजट से भी बड़ा है। पाकिस्तानी नेताओं को भारत को परमाणु युद्ध की धमकी नहीं देनी चाहिए। उन्हें याद रखना चाहिए कि अगर वे किसी दूसरे देश में निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं, तो कोई चुप नहीं रहेगा।"
ओवैसी ने आगे कहा, "किसी की आस्था पूछकर निर्दोष लोगों की हत्या करना हमारे धर्म में नहीं है।"
एआईएमआईएम के लोकसभा सांसद ओवैसी की यह टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तानी मंत्री हनीफ अब्बासी ने भारत को खुलेआम परमाणु हमले की धमकी दी थी। अब्बासी ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान का शस्त्रागार — जिसमें ग़ौरी, शाहीन और ग़जनवी मिसाइलें और 130 परमाणु हथियार शामिल हैं — "केवल भारत के लिए" रखा गया है। इससे पहले, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी भारत को चेतावनी दी थी कि अगर भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई की तो पाकिस्तान "पूर्ण युद्ध" करेगा। इस हमले में 26 आम नागरिकों की जान गई थी।
हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं और कूटनीतिक संबंधों को भी काफी हद तक घटा दिया है।
भारत के सिंधु जल संधि पर उठाए कदम के बाद कई पाकिस्तानी नेताओं ने भारत को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है और परमाणु युद्ध की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
22 अप्रैल को, जब लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े आतंकी संगठन "द रेजिस्टेंस फ्रंट" (TRF) के आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरण घास के मैदान में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, तब कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई थी।
ओवैसी की केंद्र सरकार को सलाह
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जैसे कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, वैसे ही कश्मीरी लोग भी हमारे अपने हैं और उन्हें भी वैसे ही अपनाना चाहिए।
ओवैसी ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से यह भी कहना चाहता हूं कि जिस तरह कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, उसी तरह कश्मीरी लोग भी हमारे हैं।"
ओवैसी की यह टिप्पणी उन वर्गों की ओर संकेत करती प्रतीत हुई जो पहलगाम हमले के संदर्भ में कश्मीरी लोगों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और यह संकेत दे रहे हैं कि हमले में स्थानीय लोगों की मिलीभगत हो सकती है।
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