लिव इन: सर्वे कहता है ‘यूज एंड थ्रो' के कारण बढ़ रहे ऐसे मामले
केरल हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि नई पीढ़ी शादी को बुराई मानती है, आजादी के लिए वो इससे दूर भागती है। यही वजह है कि आज लिव इन रिलेशनशिप के मामले बढ़ रहे हैं। हमें यूज एंड थ्रो के कल्चर ने बर्बाद कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह समाज के लिए चिंता का विषय है। अदालत ने आगे कहा, नई पीढ़ी जिम्मेदारियों से मुक्त रहना चाहती है। वे वाइफ शब्द को अब ‘वरी इनवाइटेड फॉर एवर' समझ रहे हैं जबकि पहले ये 'वाइज इंवेस्टमेंट फॉर एवर' (हमेशा के लिए समझदारी का निवेश) था।
सीवोटर-इंडिया ट्रैकर के एक राष्ट्रव्यापी सर्वे में 48 प्रतिशत लोगों ने इसे पूरी तरह सही बताया, वहीं 28 प्रतिशत लोग आंशिक रूप से कोर्ट से सहमत हुए। इनके अलावा, बाकी 24 प्रतिशत लोगों ने इस पर अपनी राय देने से इनकार कर दिया। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, 18-24 साल के 56 प्रतिशत उत्तरदाताओं, 25-34 वर्ष आयु वर्ग के 51 प्रतिशत उत्तरदाताओं और 55 वर्ष से अधिक आयु के 52 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अदालत का अवलोकन मौजूदा समय में समाज की वास्तविकता को दर्शाता है।
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