पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद आसनसोल का ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर फिर खुला, लोगों में उत्साह
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी चुनावी जीत के बाद राज्य के सामाजिक और राजनीतिक माहौल में बदलाव के संकेत दिखने लगे हैं। इसी क्रम में आसनसोल का एक ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर, जो वर्षों से बंद था, अब श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल..
आसनसोल। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी चुनावी जीत के बाद राज्य के सामाजिक और राजनीतिक माहौल में बदलाव के संकेत दिखने लगे हैं। इसी क्रम में आसनसोल का एक ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर, जो वर्षों से बंद था, अब श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया गया है।
यह मंदिर श्री श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित है और लंबे समय से स्थानीय तनाव और प्रशासनिक कारणों के चलते सालभर बंद रहता था। केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे त्योहारों के दौरान ही यहां पूजा-अर्चना होती थी।
#Asansol: #BJP workers re-open Durga mandir in Asansol’s Bastin Bazar. The temple had been closed for many years. pic.twitter.com/bjCs2VZv2S — Pooja Mehta (@pooja_news) May 5, 2026
मंदिर का पुनः खुलना उस समय हुआ जब पश्चिम बर्धमान जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। इस जिले में आसनसोल भी शामिल है। मंदिर खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भाजपा समर्थक वहां पहुंचे और पूजा-अर्चना के साथ इस अवसर का उत्सव मनाया।
स्थानीय नेता की भूमिका
आसनसोल उत्तर से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि जीतने के बाद मंदिर को पूरे साल खुला रखा जाएगा। उन्होंने मंदिर पहुंचकर इसके पुनः खुलने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
लोगों के लिए सिर्फ धार्मिक नहीं, राजनीतिक संदेश भी
स्थानीय लोगों के लिए यह घटना केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है बल्कि इसे राज्य में हुए राजनीतिक बदलाव के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।
चुनावी परिदृश्य
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ा उलटफेर करते हुए तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। भाजपा ने 293 में से 206 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत का आंकड़ा (147) पार कर लिया जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।
राज्य में मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में हुआ था, जिसमें 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान 21 मई को होगा, जबकि उसके परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
आसनसोल के दुर्गा मंदिर का फिर से खुलना केवल एक धार्मिक स्थल के पुनर्जीवन की कहानी नहीं है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों और सामाजिक माहौल का भी संकेत देता है।
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