ममता के गढ़ में भाजपा के ‘नायक’ बने शुभेंदु अधिकारी, बंगाल की राजनीति में नया अध्याय

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां शुभेंदु अधिकारी भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में हराकर राज्य की राजनीति की दिशा बदल..

ममता के गढ़ में भाजपा के ‘नायक’ बने शुभेंदु अधिकारी, बंगाल की राजनीति में नया अध्याय
06-05-2026 - 12:39 PM

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां शुभेंदु अधिकारी भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में हराकर राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी है।

भाजपा के लिए लंबे समय से कठिन माने जाने वाले बंगाल में यह जीत न सिर्फ प्रतीकात्मक है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुभेंदु अधिकारी ने एक ऐसे नेता को पराजित किया है, जिन्होंने 34 वर्षों के वाम शासन को खत्म कर राज्य में सत्ता स्थापित की थी।

ममता के करीबी से सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी तक

एक समय ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी ने उनके साथ मिलकर राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई थी। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका बेहद अहम रही, जहां उन्होंने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया।

भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति के प्रमुख चेहरों में शामिल अधिकारी ने जमीनी स्तर पर मजबूत जनाधार तैयार किया।

हालांकि, समय के साथ तृणमूल कांग्रेस में मतभेद उभरे, खासकर अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव के बाद। अंततः 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।

नंदीग्राम से भवानीपुर तक

2021 के चुनाव में नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को बेहद कम अंतर से हराया था। यह उनकी पहली बड़ी राजनीतिक जीत थी, जिसने उन्हें राज्यस्तरीय नेता के रूप में स्थापित किया।

अब 2026 में भवानीपुर में मिली जीत ने उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने इस बार 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

मुख्यमंत्री पद के दावेदार?

हालांकि भाजपा ने अभी तक औपचारिक रूप से किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है लेकिन राजनीतिक हलकों में शुभेंदु अधिकारी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

उनकी लगातार दो बड़ी जीत नंदीग्राम और भवानीपुर, उन्हें पार्टी के भीतर और राज्य की राजनीति में अग्रणी स्थान दिलाती है।

आक्रामक बयानबाजी से भी चर्चा में

मतगणना के दिन शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा, ममता, तेजस्वी, राहुल खत्म हो चुके हैं, अब अगला नंबर अखिलेश का है।”

निष्कर्ष

शुभेंदु अधिकारी की यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता संतुलन के बदलते समीकरणों का संकेत है।

ममता बनर्जी के मजबूत किले में सेंध लगाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि राज्य की राजनीति में अब एक नया शक्ति केंद्र उभर चुका है।Top of Form

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।