फर्जी QR कोड घोटाले से हुमायूं कबीर का बाबरी मस्जिद अभियान प्रभावित, चंदा धोखाधड़ी का आरोप
बाबरी मस्जिद के निर्माण की वकालत कर रहे हुमायूं कबीर को अपने अभियान के दूसरे दिन लगातार झटकों का सामना करना पड़ा। हालात उस समय और बिगड़ गए जब मंच पर मौजूद दो लोगों, जिन्होंने खुद को सऊदी अरब से आया बताया था, की पोल खुल गई। इसके साथ ही कबीर के साथ मौजूद चार सुरक्षा कर्मियों को लेकर भी सवाल खड़े..
कोलकाता। बाबरी मस्जिद के निर्माण की वकालत कर रहे हुमायूं कबीर को अपने अभियान के दूसरे दिन लगातार झटकों का सामना करना पड़ा। हालात उस समय और बिगड़ गए जब मंच पर मौजूद दो लोगों, जिन्होंने खुद को सऊदी अरब से आया बताया था, की पोल खुल गई। इसके साथ ही कबीर के साथ मौजूद चार सुरक्षा कर्मियों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।
हुमायूं कबीर ने पहले दावा किया था कि उनकी सुरक्षा के लिए हैदराबाद से आठ प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। लेकिन मंगलवार को उनके साथ दिख रहे चार लोग पेशेवर सुरक्षा कर्मी नहीं, बल्कि स्थानीय निवासी निकले। इससे व्यथित कबीर ने कहा,
“मैंने उन्हें तुरंत हटा दिया। मैं अपनी सुरक्षा में किसी भी स्थानीय व्यक्ति को नहीं रखूंगा। मेरे खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। सही समय आने पर मैं सब कुछ उजागर करूंगा।”
धोखाधड़ी का खुलासा: बाबरी मस्जिद ट्रस्ट के नाम पर फर्जी QR कोड
हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद ट्रस्ट से जुड़े एक और कथित धोखाधड़ी के मामले का खुलासा हुआ है। बहरामपुर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में तीन लोगों पर ट्रस्ट की जानकारी की नकल कर फर्जी QR कोड बनाने का आरोप लगाया गया है।
वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष मोहम्मद अमीनुल शेख ने दावा किया कि 9 दिसंबर से फर्जी QR कोड के जरिए चंदा इकट्ठा करने की कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सऊदी अरब से आने का दावा निकला झूठा
6 दिसंबर को प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंच पर दो ऐसे लोग नजर आए, जो सऊदी नागरिकों जैसे परिधान में थे। मंच से घोषणा की गई कि वे सऊदी अरब के विधायक हैं, लेकिन बाद में पता चला कि वे स्थानीय युवक थे। हुमायूं कबीर के अनुसार, किसी ने उन्हें अरब पोशाक पहनाकर मंच पर लाने के लिए पैसे दिए थे, ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
कबीर ने इस साजिश के पीछे तृणमूल कांग्रेस नेता सिद्दीकुल्लाह चौधरी के संगठन का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भारतपुर के जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना यूसुफ ने “सऊदी अरब से किसी मौलाना को बुलाने” का सुझाव दिया था।
विवादों के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव
इन घटनाओं को “बड़ा खेल” बताते हुए कबीर ने कहा कि वह उचित समय पर इसका जवाब देंगे। नकली पहचान, फर्जी सुरक्षा कर्मियों और QR कोड घोटाले से जुड़े इन विवादों ने उनके अभियान के इर्द-गिर्द राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न स्तरों पर जांच कर रही है और स्थिति लगातार विकसित हो रही है।
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