पीएम मोदी के इज़राइल दौरे में भारत-इज़राइल नया सुरक्षा समझौता होगा साइन: इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही एक अहम दौरे पर इज़राइल जाने वाले हैं। इस दौरान भारत और इज़राइल के बीच अपडेटेड सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। यह जानकारी भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने एक इंटरव्यू में..
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही एक अहम दौरे पर इज़राइल जाने वाले हैं। इस दौरान भारत और इज़राइल के बीच अपडेटेड सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। यह जानकारी भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने एक इंटरव्यू में दी।
राजदूत अज़ार ने कहा कि यह समझौता बदलते वैश्विक खतरों से निपटने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “भारत और इज़राइल मूल्यों को साझा करते हैं। हम चुनौतियों को भी साझा करते हैं और उनसे निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
उभरती तकनीकों में गहरा सहयोग
अज़ार के अनुसार, यह नया सुरक्षा समझौता उभरती तकनीकों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करेगा। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के दौरे के दौरान उन्हें इज़राइल के निजी क्षेत्र की कई कंपनियों से रूबरू कराया जाएगा। अज़ार ने कहा, “प्रधानमंत्री निजी क्षेत्र की कंपनियों से मिलेंगे, क्वांटम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिज़ाइनर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी। हम एक-दूसरे की क्षमताओं को पूरा करते हैं।”
नेसेट और याद वाशेम का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा कार्यक्रम में इज़राइल की संसद नेसेट को संबोधित करना भी शामिल है। राजदूत अज़ार ने इसे भारत-इज़राइल संबंधों की मजबूती का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि नेसेट में भाषण के साथ-साथ याद वाशेम (इज़राइल का होलोकॉस्ट स्मारक) का दौरा दोनों देशों के बीच साझा ऐतिहासिक संवेदनशीलता और आपसी सम्मान को दर्शाता है।
IMEC और आर्थिक सहयोग पर फोकस
इस दौरे में आर्थिक और बुनियादी ढांचा सहयोग भी प्रमुख एजेंडे में है। अज़ार ने इंडिया‑मिडिल ईस्ट‑यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को लेकर उत्साह जताया।
उन्होंने कहा, “हम IMEC को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि भारत अब पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं में ट्रिलियन डॉलर का व्यापार करने जा रहा है। इससे इस कॉरिडोर में भारी रुचि पैदा होगी।”
1992 से मजबूत होते रिश्ते
भारत और इज़राइल के बीच 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से द्विपक्षीय रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा क्षेत्र इन संबंधों की रीढ़ रहा है। इज़राइल लंबे समय से भारत को सैन्य तकनीक उपलब्ध कराने वाला एक प्रमुख साझेदार रहा है, जबकि हाई-टेक क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार भी तेजी से बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा—जो 2017 की ऐतिहासिक यात्रा के बाद उनका दूसरा इज़राइल दौरा होगा—इज़राइल के राजदूत के शब्दों में, “भरोसे और साझा रणनीतिक हितों पर आधारित साझेदारी” को और गति देने का संकेत है।
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