सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत बांग्लादेश से अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाएगा
बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनज़र सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत ने वहां तैनात अपने अधिकारियों के परिवारों और आश्रितों को वापस बुलाने का फैसला किया..
बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनज़र सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत ने वहां तैनात अपने अधिकारियों के परिवारों और आश्रितों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा, “मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर हमने उच्चायोग और अन्य भारतीय मिशनों में तैनात अपने अधिकारियों के आश्रितों को भारत लौटने की सलाह दी है।”
सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय कूटनीतिक मिशन पूरी तरह खुले और संचालित रहेंगे।
‘नॉन-फैमिली पोस्टिंग’ एक कड़ा सुरक्षा कदम
किसी भी देश या स्थान को जब अस्थिर या खतरनाक माना जाता है, तब वहां ‘नॉन-फैमिली पोस्टिंग’ लागू की जाती है। इसे सबसे कड़े सुरक्षा उपायों में से एक माना जाता है। फिलहाल इस बात को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि अधिकारियों के परिवारों को कब तक वापस बुलाया जाएगा और वे भारत कब लौटेंगे।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ा तनाव
साल 2024 में शेख़ हसीना सरकार के पतन के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव देखने को मिला है। हाल के विरोध प्रदर्शनों के चलते दोनों देशों ने अपने-अपने मिशनों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
इसके अलावा, 12 दिसंबर को छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेज़ी देखी गई है।
भारत ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए बांग्लादेश से सांप्रदायिक हिंसा के मामलों से सख्ती से निपटने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे हमलों का एक चिंताजनक और लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न देख रहे हैं।”
हिंसा को नजरअंदाज करने पर भारत की आपत्ति
नई दिल्ली ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बांग्लादेश में ऐसी हिंसक घटनाओं को अक्सर निजी दुश्मनी, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़कर देखा जाता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि “इस तरह की अनदेखी अपराधियों का हौसला बढ़ाती है और अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम इस मुद्दे को पहले भी कई बार अपनी ब्रीफिंग्स में उठा चुके हैं और अब भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे हमलों का एक परेशान करने वाला सिलसिला देख रहे हैं।”
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