नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने लिया संन्यास, 27 वर्षों के शानदार करियर का हुआ समापन
दिल्ली। नासा की वरिष्ठ अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष एजेंसी से संन्यास ले लिया है, जिसके साथ ही उनका 27 वर्षों का बेहद शानदार करियर समाप्त हो गया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान से..
नयी दिल्ली। नासा की वरिष्ठ अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष एजेंसी से संन्यास ले लिया है, जिसके साथ ही उनका 27 वर्षों का बेहद शानदार करियर समाप्त हो गया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़े कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।
60 वर्षीय सुनीता विलियम्स इस समय भारत दौरे पर हैं। मंगलवार दोपहर उन्होंने नई दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर में आयोजित एक इंटरैक्टिव सत्र में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के पोस्टरों — “Eyes on the Stars, Feet on the Ground” — में उन्हें ‘NASA Astronaut (Retd.) और US Navy Captain (Retd.)’ के रूप में दर्शाया गया।
अंतरिक्ष में फंसने का अनुभव साझा किया
बातचीत के दौरान सुनीता विलियम्स ने उस समय के अनुभव साझा किए, जब वह अंतरिक्ष में फंस गई थीं। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए तय आठ दिन का मिशन, बोइंग स्पेस फ्लाइट में तकनीकी समस्याओं के कारण उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती बन गया और उनका प्रवास नौ महीनों से अधिक तक खिंच गया।
नासा ने 20 जनवरी को जारी एक बयान में कहा, “27 वर्षों की सेवा के बाद नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनी विलियम्स ने एजेंसी से संन्यास ले लिया है। यह निर्णय 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुआ। अपने करियर के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तीन मिशन पूरे किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान के कई रिकॉर्ड बनाए।”
पारिवारिक पृष्ठभूमि
सुनीता ‘सुनी’ विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो राज्य के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या गुजरात के मेहसाणा ज़िले के झुलासन गांव से थे जबकि उनकी मां उर्सुलिन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई मूल की थीं।
नासा प्रशासक की प्रतिक्रिया
नासा प्रशासक जैरेड आइज़ैकमैन ने बयान में कहा, “सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान की एक अग्रदूत रही हैं। उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपने नेतृत्व के जरिए खोज के भविष्य को आकार दिया और लो अर्थ ऑर्बिट में वाणिज्यिक मिशनों का रास्ता साफ किया।”
उन्होंने आगे कहा, “विज्ञान और तकनीक को आगे बढ़ाने में उनके योगदान ने चंद्रमा पर आर्टेमिस मिशनों और मंगल की ओर बढ़ने की नींव रखी है। उनकी असाधारण उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और असंभव की सीमाओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।”
अंतरिक्ष में बिताया समय और रिकॉर्ड
सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी भी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में बिताए गए कुल समय की सूची में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने 286 दिनों का एकल अंतरिक्ष मिशन पूरा किया, जो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों में छठा सबसे लंबा एकल मिशन है। इस मामले में वह नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर के साथ संयुक्त रूप से सूची में हैं। यह अवधि नासा के बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशनों के दौरान दर्ज की गई।
स्पेसवॉक में ऐतिहासिक उपलब्धि
सुनीता विलियम्स ने कुल 9 स्पेसवॉक पूरे किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे 6 मिनट रही।
यह किसी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया सबसे अधिक स्पेसवॉक समय है और कुल मिलाकर यह चौथा सबसे अधिक स्पेसवॉक समय है। नासा के अनुसार, वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी थीं।
शिक्षा और सैन्य करियर
मैसाचुसेट्स के नीडहैम की रहने वाली सुनीता विलियम्स ने
- यूएस नेवल एकेडमी से भौतिक विज्ञान में स्नातक डिग्री
- और फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेलबर्न (फ्लोरिडा) से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
संन्यास ले चुकी अमेरिकी नौसेना की कैप्टन, सुनीता विलियम्स एक कुशल हेलीकॉप्टर और फिक्स्ड-विंग पायलट भी हैं। उन्होंने 40 विभिन्न प्रकार के विमानों पर 4,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है।
‘अंतरिक्ष मेरी सबसे पसंदीदा जगह है’
नासा के बयान में सुनीता विलियम्स के हवाले से कहा गया, “जो लोग मुझे जानते हैं, वे जानते हैं कि अंतरिक्ष मेरी सबसे पसंदीदा जगह है।”
उन्होंने आगे कहा, “अंतरिक्ष यात्री कार्यालय में सेवा देना और तीन बार अंतरिक्ष में उड़ान भरने का अवसर मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान रहा। नासा में मेरे 27 साल का करियर अद्भुत रहा, और इसका श्रेय मेरे सहयोगियों से मिले प्यार और समर्थन को जाता है।”
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, वहां के लोग, इंजीनियरिंग और विज्ञान वास्तव में प्रेरणादायक हैं और इन्हीं की बदौलत चंद्रमा और मंगल ग्रह की ओर अगले कदम संभव हो पाए हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि हमने जो नींव रखी है, उसने इन साहसिक कदमों को थोड़ा आसान बनाया होगा। मैं नासा और उसकी साझेदार एजेंसियों के भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित हूं और इतिहास बनते देखने का इंतज़ार नहीं कर सकती।”
प्रमुख मिशन
- दिसंबर 2006: स्पेस शटल डिस्कवरी (STS-116) से पहली उड़ान, वापसी अटलांटिस (STS-117) से
- एक्सपीडिशन 14/15: फ्लाइट इंजीनियर, चार स्पेसवॉक के साथ रिकॉर्ड
- 2012: कज़ाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से 127 दिनों का मिशन (एक्सपीडिशन 32/33), एक्सपीडिशन 33 की कमांडर
- 2024: बोइंग स्टारलाइनर से क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन, एक्सपीडिशन 71/72 में शामिल, एक्सपीडिशन 72 की कमांडर
- मार्च 2025: स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के तहत पृथ्वी पर वापसी
सहयोगियों की प्रतिक्रिया
नासा जॉनसन के अंतरिक्ष यात्री कार्यालय के प्रमुख स्कॉट टिंगल ने कहा, “सुनी बेहद तेज़ दिमाग की हैं और एक शानदार मित्र व सहयोगी हैं। उन्होंने मुझ समेत कई अंतरिक्ष यात्रियों को प्रेरित किया है। हम सभी उन्हें बहुत याद करेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”
अंतरिक्ष उड़ानों के अलावा, सुनीता विलियम्स ने अपने नासा करियर के दौरान कई अहम भूमिकाएं भी निभाईं और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
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