बजट 2026 से कौशल विकास और डीप टेक को मिलेगी मजबूती की उम्मीद, विपक्ष ने जताई गरीबों की चिंता
इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) के महानिदेशक और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. भट्ट ने कहा है कि इस साल का केंद्रीय बजट भारत के लिए बेहद अहम साबित होगा, खासकर कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और डीप टेक जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने के लिहाज..
नयी दिल्ली। इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) के महानिदेशक और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. भट्ट ने कहा है कि इस साल का केंद्रीय बजट भारत के लिए बेहद अहम साबित होगा, खासकर कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और डीप टेक जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने के लिहाज से।
ए.के. भट्ट ने कहा, “हमारे देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और यह दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। हमारे पास यह बड़ा अवसर है कि हम इस युवा शक्ति को केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक और सॉफ्ट स्किल्स में भी प्रशिक्षित करें, ताकि वे न सिर्फ भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर रोजगार योग्य बन सकें और अपने व्यवसाय भी खड़े कर सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि कौशल केंद्रों को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि परिणाम आधारित तरीके से विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “फंडिंग उन्हीं लोगों या संस्थाओं को मिलनी चाहिए, जो वास्तव में कौशल विकास कर रहे हों, रोजगार सृजन कर रहे हों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा दे रहे हों। यही एक अच्छे स्किलिंग संगठन की असली पहचान है।”
बजट 2026 पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बजट 2026 को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को अपनी अपेक्षाएं साझा करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार केरल से किए गए अपने वादों को पूरा करेगी, जिनमें राज्य में एम्स (AIIMS) की स्थापना भी शामिल है।
थरूर ने तटीय कटाव (कोस्टल इरोजन) की गंभीर समस्या पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार कहती है कि यह राज्य की जिम्मेदारी है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि उसके पास इसके लिए पर्याप्त धन नहीं है।”
थरूर ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय बजट में तटीय कटाव की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कपिल सिब्बल ने जताई बजट को लेकर आशंका
केंद्रीय बजट 2026 की पूर्व संध्या पर राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने इस बात को लेकर संदेह जताया कि यह बजट गरीबों की पीड़ा कम कर पाएगा। पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि भले ही भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हो, लेकिन किसी भी अर्थव्यवस्था की असली परीक्षा यह होती है कि वह लोगों की तकलीफ कितनी कम करती है। प्रति व्यक्ति आय इसका एक अहम पैमाना है।
कपिल सिब्बल ने कहा, “सबसे पहले लोगों को यह समझना चाहिए कि बजट होता क्या है। बजट दरअसल सरकार की आय और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संसाधनों का आवंटन होता है, जो उन कार्यक्रमों पर खर्च किए जाते हैं, जिनका लक्ष्य समाज के सबसे वंचित वर्ग होते हैं। यह एक उपयोगितावादी अवधारणा है..आपको खुशी बढ़ानी है और दर्द कम करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर लोग गरीब हैं तो उन्हें ऊपर उठाना आपकी जिम्मेदारी है। अगर कुछ राज्यों को कम पैसा मिल रहा है, तो यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें ज्यादा संसाधन मिलें। बजट का मतलब यही होता है।”
सिब्बल ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में सरकार अधिशेष (सरप्लस) पैदा करने में असफल रही, इसी वजह से बजट के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
क्या है केंद्रीय बजट
वित्त मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय बजट भारत सरकार की वित्तीय स्थिति की सबसे व्यापक रिपोर्ट होता है, जिसमें सभी स्रोतों से होने वाली आय और सभी गतिविधियों पर होने वाले खर्च का समेकित विवरण होता है। इसमें अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के खातों के अनुमान भी शामिल होते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह करीब 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। यह उनका नौवां बजट होगा, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। वर्ष 2019 में पद संभालने के बाद से वह लगातार यह जिम्मेदारी निभा रही हैं।
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