इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को राहुल गांधी और हिंडनबर्ग के बीच 'समन्वय' के सबूत मिले: रिपोर्ट
स्पूतनिक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) ने भारतीय ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के प्रमुख और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के करीबी सहयोगी सैम पित्रोदा के होम सर्वर पर गुप्त ऑपरेशन किया..
नयी दिल्ली। स्पूतनिक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) ने भारतीय ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के प्रमुख और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के करीबी सहयोगी सैम पित्रोदा के होम सर्वर पर गुप्त ऑपरेशन किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य यह पता लगाना था कि भारतीय विपक्ष और अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg Research) के बीच कोई समन्वय था या नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मोसाद ने इस ऑपरेशन के दौरान एन्क्रिप्टेड चैटरूम्स और गोपनीय संवाद चैनलों को उजागर किया, जिसमें कथित तौर पर राहुल गांधी और हिंडनबर्ग की टीम के बीच प्रत्यक्ष संपर्क सामने आए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस संपर्क का उद्देश्य था गौतम अडाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाना।
पृष्ठभूमि:
जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी ग्रुप पर स्टॉक की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ाने, जटिल अकाउंटिंग तकनीकों और ऑफशोर शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।
हालांकि, अडाणी समूह ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है।
रिपोर्ट के मुख्य दावे:
- मोसाद ने राहुल गांधी और हिंडनबर्ग रिसर्च के बीच गोपनीय समन्वय के प्रमाण पाए।
- यह समन्वय कथित रूप से राजनीतिक लाभ और उद्योगपतियों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था।
- हिंडनबर्ग रिसर्च अब अपना ऑपरेशन बंद कर चुका है।
हालांकि अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन राहुल गांधी, सैम पित्रोदा या कांग्रेस पार्टी की ओर से नहीं आया है। न ही मोसाद की ओर से इस रिपोर्ट की स्वीकृति या इनकार किया गया है।
यह रिपोर्ट अत्यंत संवेदनशील है और इसका राजनीतिक असर गहरा हो सकता है। यदि यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो यह भारत की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक बड़ा मोड़ ला सकती है।
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