केरल की नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को यमन में फांसी दी जाएगी, बचाव की आखिरी उम्मीद 'माफी' पर टिकी

यमन में एक यमनी नागरिक की हत्या के मामले में मौत की सज़ा पा चुकी केरल की नर्स निमिषा प्रिया को अब 16 जुलाई 2025 को फांसी दी जाएगी। यह जानकारी मानवाधिकार कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम ने दी, जो 'सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल' से जुड़े..

केरल की नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को यमन में फांसी दी जाएगी, बचाव की आखिरी उम्मीद 'माफी' पर टिकी
09-07-2025 - 09:50 AM

नयी दिल्ली/सना (यमन)। यमन में एक यमनी नागरिक की हत्या के मामले में मौत की सज़ा पा चुकी केरल की नर्स निमिषा प्रिया को अब 16 जुलाई 2025 को फांसी दी जाएगी। यह जानकारी मानवाधिकार कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम ने दी, जो 'सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल' से जुड़े हैं और पीड़ित परिवार व यमनी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं।

आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया गया है

सैमुअल जेरोम के अनुसार, फांसी की आधिकारिक चिट्ठी जारी कर दी गई है, और जेल प्रशासन ने खुद निमिषा को आधिकारिक रूप से फांसी की तारीख (16 जुलाई) के बारे में सूचित कर दिया है।

अब केवल ‘माफी और खून के बदले धन (Blood Money)’ ही आखिरी रास्ता

  • सिर्फ पीड़ित परिवार की माफ़ी और ब्लड मनी स्वीकार करना ही बचाव का अंतिम विकल्प बचा है।
  • जेरोम ने बताया, अगर परिवार माफ कर देता है, तो ब्लड मनी अदा की जाएगी। बातचीत जारी है लेकिन अभी तक परिवार ने माफ नहीं किया है।”
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित तलाल अब्दो मेहदी के परिवार को 10 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब ₹8.4 करोड़) की ब्लड मनी देने की पेशकश की गई है।
  • एक्शन काउंसिल  के सदस्य बाबू जॉन ने इस पेशकश की पुष्टि की है।

मां की यमन में जद्दोजहद

  • निमिषा की मां प्रेमा कुमारी, जो 2024 से यमन में हैं, अभी तक वहीं डटी हुई हैं और माफी दिलवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
  • एक्शन काउंसिल का कहना है कि यमन के अभियोजन निदेशक (Director General of Prosecution) ने जेल अधिकारी को औपचारिक रूप से फांसी की तारीख बताने के निर्देश दिए हैं।

अब तक की कानूनी प्रक्रिया

  • निमिषा प्रिया 2017 से जेल में हैं, जब उन्हें एक यमनी नागरिक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
  • 30 दिसंबर 2024 को यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-अलिमी ने उनके लिए मौत की सज़ा को मंजूरी दे दी थी।
  • सभी कानूनी रास्ते अब समाप्त हो चुके हैं, अब सिर्फ पीड़ित परिवार की माफ़ी ही एकमात्र उम्मीद है।

भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों पर इस मामले में भारी दबाव है। निमिषा प्रिया की जान बचाने की अंतिम उम्मीद अब यमनी परिवार की माफी पर टिकी है। अगर 16 जुलाई से पहले समझौता नहीं हुआ, तो उन्हें फांसी दी जाएगी।

यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हस्तक्षेप, महिला अधिकार और न्याय प्रणाली की सख्ती को लेकर भी चर्चित बना हुआ है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।