गौतम अडानी को अमेरिकी रिश्वतखोरी मामले में अहमदाबाद कोर्ट से मिलेगा कानूनी नोटिस: विधि मंत्रालय
भारत के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने गुजरात की एक अदालत से गौतम अडानी को कानूनी दस्तावेज सौंपने का औपचारिक अनुरोध किया है। यह मामला संयुक्त राज्य अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा जांच की जा रही रिश्वतखोरी से जुड़ा है।
नयी दिल्ली। भारत के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने गुजरात की एक अदालत से गौतम अडानी को कानूनी दस्तावेज सौंपने का औपचारिक अनुरोध किया है। यह मामला संयुक्त राज्य अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा जांच की जा रही रिश्वतखोरी से जुड़ा है।
अमेरिकी अधिकारियों का अनुरोध
25 फरवरी 2025 को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में, न्यायिक अनुभाग (Department of Legal Affairs - Judicial Section) ने बताया कि उसे अमेरिकी अधिकारियों से औपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ है।
- इन दस्तावेजों को गौतम अडानी के अहमदाबाद स्थित पते पर भेजा जाना है:
शांतिवन फार्म, कर्णावती क्लब के पीछे, गांधीनगर-साणंद हाईवे, अहमदाबाद, गुजरात - 380057। - विधि मंत्रालय ने अहमदाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय को दस्तावेजों के दो सेट भेजे हैं।
- अदालत को निर्देश दिया गया है कि एक सेट अडानी को सौंपा जाए और दूसरा सेट सेवा प्रमाण (Proof of Service) के साथ नई दिल्ली स्थित न्यायिक अनुभाग को लौटाया जाए।
मंत्रालय का आदेश और प्रक्रिया
विधि मंत्रालय के पत्र में कहा गया है:
"उल्लिखित अदालत से अनुरोध किया जाता है कि वह मामले के दस्तावेज़ों को संबंधित व्यक्ति को सौंपे और सेवा प्रमाण के साथ रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजे, ताकि इसे संबंधित विदेशी प्राधिकरण को स्थानांतरित किया जा सके।"
- सेवा रिपोर्ट (Proof of Service) अंग्रेज़ी में होनी चाहिए, और यदि उसमें कोई क्षेत्रीय भाषा का उपयोग किया गया हो, तो उसका अंग्रेज़ी अनुवाद संलग्न करना अनिवार्य होगा।
- यदि संबंधित व्यक्ति का पता अदालत के क्षेत्राधिकार से बाहर पड़ता है, तो दस्तावेज़ों को उचित अदालत को भेजने का निर्देश दिया गया है, न कि उन्हें वापस दिल्ली भेजने का।
क्या है मामला?
यह मामला अमेरिकी SEC द्वारा जांच की जा रही कथित रिश्वतखोरी से जुड़ा हुआ है, जिसमें अडानी समूह का नाम सामने आया है। हालांकि, अभी तक अडानी समूह या गौतम अडानी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अहमदाबाद कोर्ट की भूमिका
अब यह देखना होगा कि अहमदाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय कब और कैसे गौतम अडानी को यह नोटिस सौंपता है। यदि वे इस नोटिस को स्वीकार नहीं करते हैं या इसका जवाब नहीं देते हैं, तो अमेरिकी अधिकारियों की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
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