वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ प्रदर्शन में गांव की बिजली काटने वाले संविदा लाइनमैन को नौकरी से निकाला गया
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा किए गए प्रतीकात्मक 'लाइट्स ऑफ' विरोध में समर्थन देने के चलते एक संविदा लाइनमैन को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया ..
मेरठ। वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा किए गए प्रतीकात्मक 'लाइट्स ऑफ' विरोध में समर्थन देने के चलते एक संविदा लाइनमैन को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है।
क्या हुआ था?
मेरठ जिले के अजराड़ा गांव में बुधवार रात 9 बजे अचानक पूरे गांव की बिजली गुल हो गई थी, जो करीब 15 मिनट तक बंद रही। बिजली की आपूर्ति मुंडाली सब-स्टेशन से होती है।
हालांकि AIMPLB ने देशभर के मुसलमानों से 9:00 से 9:15 बजे तक अपने घरों और दुकानों की लाइटें स्वेच्छा से बंद करने की अपील की थी, मगर लाइनमैन मोहम्मद रियाजुद्दीन ने कथित रूप से पूरे गांव की बिजली सप्लाई काट दी।
जांच और कार्रवाई:
- गुरुवार को ग्रामीणों ने ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेन्द्र तोमर (जो मेरठ दक्षिण से विधायक भी हैं) से इसकी शिकायत की।
- इसके बाद विभागीय जांच में पुष्टि हुई कि रियाजुद्दीन ने जानबूझकर सप्लाई बंद की थी।
- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रवक्ता एचके सिंह ने पुष्टि की कि दोष साबित होने पर रियाजुद्दीन को सेवा से तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
- अजराड़ा निवासी कल्लू पंडित ने बताया: “शुरुआत में डिस्कॉम अधिकारी मामले को टालते रहे। लेकिन. जब मंत्री ने सख्त संज्ञान लिया, तब जाकर कार्रवाई हुई।”
- एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा: “सरकारी जिम्मेदारी का इस तरह का दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है। यह प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन है।”
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