ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर विवाद पर तोड़ी चुप्पी: ‘यह सब भगवान के हाथ में था’

पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर की अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह अब भी एक "साध्वी" (आध्यात्मिक साधना करने वाली महिला) के रूप में अपने आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ती रहेंगी..

ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर विवाद पर तोड़ी चुप्पी: ‘यह सब भगवान के हाथ में था’
01-06-2025 - 09:18 AM

मुंबई। पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर की अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह अब भी एक "साध्वी" (आध्यात्मिक साधना करने वाली महिला) के रूप में अपने आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ती रहेंगी। यह फैसला उस विवाद के बाद आया जिसमें आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास के बीच ममता को महामंडलेश्वर का पद दिए जाने को लेकर मतभेद हुआ। अब ममता ने पहली बार इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

ममता ने कहा, "…यह सब भगवान के हाथ में था कि मैं उस कुंभ में महामंडलेश्वर बनूं, जो 140 वर्षों में इतना पवित्र अवसर था। भगवान ने मुझे मेरी 25 वर्षों की तपस्या का फल दिया। इसलिए यह सब हुआ।”

ममता कुलकर्णी ने सांसारिक जीवन को छोड़कर आध्यात्मिक जीवन को अपनाया। उन्होंने अपना नया नाम रखा —श्री यमाई ममता नंदगिरी”। 24 जनवरी को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में महाकुंभ मेले के दौरान उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई थी।

हालांकि, योगगुरु बाबा रामदेव ने ममता को महामंडलेश्वर बनाए जाने की खुलेआम आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोई भी एक दिन में सन्यास की सिद्धि नहीं प्राप्त कर सकता।

 बाबा रामदेव ने कहा, “सनातन के इस महाकुंभ पर्व से हमारी जड़ें जुड़ी हुई हैं। यह एक पवित्र उत्सव है। कुछ लोग कुंभ के नाम पर अश्लीलता, नशे और अनुचित आचरण को जोड़ते हैं – यह महाकुंभ का सच्चा स्वरूप नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “कुछ व्यक्ति, जो कल तक भोग-विलास में लिप्त थे, आज अचानक संन्यासी बन जाते हैं और महामंडलेश्वर जैसी उपाधि प्राप्त कर लेते हैं।”

ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद कई संतों ने इस फैसले का विरोध किया। इसके बाद, ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी और आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठीदोनों को ही अखाड़े से बर्खास्त कर दिया।

30 जनवरी 2025 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में ऋषि अजय दास ने कहा, किन्नर अखाड़ा का संस्थापक होने के नाते, मैं आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त करता हूं। उनका नियुक्ति उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और ट्रांसजेंडर समुदाय का उत्थान करना था, लेकिन उन्होंने इन जिम्मेदारियों से भटकाव दिखाया है।”

गौरतलब है कि 1990 के दशक में ममता कुलकर्णी नेकरण अर्जुन’ औरबाज़ी’ जैसी हिट फिल्मों से प्रसिद्धि पाई थी। 2000 के दशक की शुरुआत में उन्होंने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया और विदेश में बस गईं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।