‘मोदी है तो कुछ भी मुमकिन है’: पुलिस समन पर दूसरी बार नहीं पहुंचीं मधु किश्वर, गिरफ्तारी की चुनौती दी
चंडीगढ़ पुलिस के साथ टकराव के बीच शिक्षाविद और लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर शनिवार को दूसरी बार भी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुईं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि जानबूझकर एफआईआर की कॉपी नहीं दी जा रही है ताकि उनकी गिरफ्तारी का आधार तैयार किया..
चंडीगढ़ पुलिस के साथ टकराव के बीच शिक्षाविद और लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर शनिवार को दूसरी बार भी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुईं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि जानबूझकर एफआईआर की कॉपी नहीं दी जा रही है ताकि उनकी गिरफ्तारी का आधार तैयार किया जा सके।
किश्वर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा, “मोदी है तो कुछ भी मुमकिन है। मैं ‘मोदी सरकार की जेल’ में एक दिन बिताने से बेहतर मौत की सजा मांगूंगी।”
पुलिस के सामने पेश नहीं हुईं
चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि किश्वर जांच में शामिल नहीं हुईं और फिलहाल उन्हें कोई नया नोटिस जारी नहीं किया गया है।
किश्वर का कहना है कि 19 अप्रैल को सेक्टर-26 थाने में दर्ज FIR नंबर 44 की कॉपी उन्हें अब तक नहीं दी गई है जबकि उन्होंने कई बार इसकी मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर को पुलिस वेबसाइट पर भी अपलोड नहीं किया गया।
‘गिरफ्तारी की तैयारी’ का आरोप
किश्वर ने चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यह देरी जानबूझकर की जा रही है। उन्होंने कहा, “मेरे वकील मित्रों का कहना है कि यह सब मेरी गिरफ्तारी का आधार बनाने के लिए किया जा रहा है। मैंने बार-बार कहा है कि जैसे ही एफआईआर की कॉपी मिलेगी, मैं जांच में सहयोग करूंगी।”
पहले भी नहीं हुई थीं पेश
यह लगातार दूसरी बार है जब किश्वर पुलिस समन पर पेश नहीं हुई हैं। इससे पहले 22 अप्रैल को भी उन्होंने पेश होने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने दो आपत्तियां उठाई थीं..
- नोटिस में उनका गलत ट्विटर हैंडल (@mandukishwar) लिखा गया था, जबकि सही हैंडल @madhukishwar है
- एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिससे वे अपनी कानूनी तैयारी नहीं कर पा रहीं
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 19 अप्रैल को वकील सतींदर सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ। आरोप है कि किश्वर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने फर्जी और भ्रामक पोस्ट तथा आपत्तिजनक वीडियो सामग्री साझा की, जिसमें एक व्यक्ति की गलत पहचान बताई गई।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), 336(1) (जालसाजी) और 356 (आपराधिक मानहानि) के तहत केस दर्ज किया गया है, साथ ही आईटी एक्ट की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस टीम पहुंची थी दिल्ली
चंडीगढ़ पुलिस की दो टीमें 21 और 22 अप्रैल की रात को किश्वर के दिल्ली स्थित दफ्तर नोटिस देने पहुंची थीं।
पहली टीम रात 10 बजे के बाद पहुंची, जिस पर किश्वर ने महिलाओं के घर रात में पुलिस कार्रवाई पर कानूनी रोक का हवाला दिया। इसके बाद दूसरी टीम अगले दिन सुबह पहुंची और औपचारिक रूप से नोटिस सौंपा।
यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है, जहां एक ओर पुलिस कार्रवाई है, तो दूसरी ओर किश्वर का खुला विरोध और गिरफ्तारी को लेकर सख्त रुख।
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