क्या मोहम्मद शमी का वनडे करियर खत्म? ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से बाहर होने पर सेलेक्टर अजीत अगरकर पर कसा तंज
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए जब भारतीय टीम की घोषणा हुई, तो उसमें एक बड़ा नाम गायब था — मोहम्मद शमी। पैंतीस वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ ने आखिरी बार 9 मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के लिए खेला था। इस साल की शुरुआत में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ 19 अक्टूबर से शुरू..
नयी दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए जब भारतीय टीम की घोषणा हुई, तो उसमें एक बड़ा नाम गायब था — मोहम्मद शमी। पैंतीस वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ ने आखिरी बार 9 मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के लिए खेला था। इस साल की शुरुआत में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ 19 अक्टूबर से शुरू होगी।
अजीत अगरकर पर शमी का ‘तंज’
शमी ने टीम चयन से बाहर किए जाने के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फिटनेस को लेकर अपडेट देना उनका काम नहीं है, और अगर फिटनेस ही मुद्दा है तो उन्हें रंजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेलने की अनुमति कैसे दी गई?
उन्होंने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि चयन मेरे हाथ में नहीं है। अगर फिटनेस की दिक्कत होती तो मैं बंगाल के लिए नहीं खेलता। मुझे इस पर कोई विवाद नहीं करना। अगर मैं चार दिन का मैच (रंजी ट्रॉफी) खेल सकता हूं, तो 50 ओवर का मैच भी खेल सकता हूं।”
शमी ने आगे कहा, “अपडेट देना मेरी ज़िम्मेदारी नहीं है। न मेरा काम है किसी से अपडेट मांगना। मेरा काम है एनसीए (नेशनल क्रिकेट अकादमी) जाकर तैयारी करना और मैच खेलना। बाकी ये उनकी बात है कि कौन उन्हें अपडेट देता है और कौन नहीं। मेरी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है।”
शमी बोले — ‘अब भी उम्मीद नहीं छोड़ी’
टीम से बाहर किए जाने के बावजूद मोहम्मद शमी ने कहा कि वे अब भी चयन की उम्मीद बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि देश के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन होना चाहिए। बात देश की है, देश को जीतना चाहिए — हम सबको खुश होना चाहिए। अगर अच्छा प्रदर्शन करोगे तो उसका फायदा तुम्हें ही होगा। चयन मेरे हाथ में नहीं है। मैं सिर्फ तैयारी और खेल सकता हूं। अगर चयन नहीं होता, तो मैं बंगाल के लिए खेलूंगा, इसमें मुझे कोई दिक्कत नहीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि वे दर्द में खेलना या टीम को परेशानी में डालना नहीं चाहते। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन के बाद मैं मजबूत वापसी करना चाहता था और मैं उसी पर काम कर रहा हूं। मैं हर समय तैयार हूं — जब भी चयनकर्ता बुलाएं। पहले के समय में रंजी ट्रॉफी बहुत बड़ा स्तर होती थी, लेकिन आज कुछ लोग इसे ‘अपमान’ मानते हैं। मैं ऐसा नहीं सोचता। आपको चार दिन का क्रिकेट खेलना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “अगर यह शर्त है कि रंजी ट्रॉफी में प्रदर्शन करने पर ही टीम में जगह मिलेगी, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। आपको अच्छा प्रदर्शन करना ही चाहिए।”
मोहम्मद शमी का क्रिकेट सफर
शमी 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद लंबे समय तक टीम से बाहर रहे। उस टूर्नामेंट में वे भारत के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे थे, उन्होंने 7 मैचों में 24 विकेट लिये थे।
2025 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वापसी की, लेकिन उसके बाद से उन्हें सीमित प्रारूपों में कम मौके मिले। उन्होंने पिछले 8 महीनों से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, और आखिरी टेस्ट मैच 2023 में WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद से अब तक शमी 217 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 462 विकेट ले चुके हैं।
35 साल की उम्र में, फिटनेस और फॉर्म बरकरार रहने पर उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2 से 3 साल का करियर बाकी माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि — क्या शमी फिर कभी टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनेंगे?
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