नंदन नीलेकणी बने ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ टास्क फोर्स के मुख्य मार्गदर्शक
केंद्र सरकार ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ टास्क फोर्स का मुख्य मार्गदर्शक (Chief Mentor) नियुक्त किया है। ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार को इस नई टास्क फोर्स के गठन की पुष्टि की..
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ टास्क फोर्स का मुख्य मार्गदर्शक (Chief Mentor) नियुक्त किया है। ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार को इस नई टास्क फोर्स के गठन की पुष्टि की, जिसका उद्देश्य भारत के बिजली क्षेत्र को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के माध्यम से आधुनिक और मानकीकृत करना है।
यह पहल Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के अंतर्गत मंजूर की गई है, जिसमें REC लिमिटेड को कार्यक्रम की नोडल एजेंसी और FSR Global को नॉलेज पार्टनर के रूप में नियुक्त किया गया है।
क्या है ‘इंडिया एनर्जी स्टैक’?
‘इंडिया एनर्जी स्टैक’ एक 統ीकृत डिजिटल संरचना (unified digital architecture) होगी जो बिजली उत्पादन, पारेषण (transmission), वितरण (distribution) और उपभोक्ता सेवाओं में डेटा-संचालित नवाचार और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा देगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य उत्पादन, पारेषण और वितरण लागत में 25% तक की कमी करना है।
नंदन नीलेकणी की भूमिका
आधार परियोजना और UIDAI के पूर्व चेयरमैन रह चुके नीलेकणी इस टास्क फोर्स को दिशा-निर्देशन, रोडमैप निर्माण, और यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म के स्कोप तय करने में मार्गदर्शन देंगे। इस प्लेटफ़ॉर्म से क्षमता और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि की उम्मीद है।
टास्क फोर्स में शामिल अन्य प्रमुख विशेषज्ञ
- डॉ. राम सेवक शर्मा – चेयरपर्सन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पूर्व CEO और TRAI के पूर्व अध्यक्ष
- प्रदीप कुमार पुजारी – वाइस चेयर, FSR Global, पूर्व चेयरमैन CERC
- प्रमोद वर्मा – चीफ आर्किटेक्ट, FIDE और आधार के पूर्व मुख्य वास्तुकार
- घनश्याम प्रसाद – अध्यक्ष, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA)
- आलोक कुमार – महानिदेशक, AIDA
- जितेंद्र श्रीवास्तव – CMD, REC
- एस.के. सूनी – संस्थापक और पूर्व CMD, ग्रिड इंडिया
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, देश के बड़े DISCOMs के प्रतिनिधि, जैसे MSEDCL और GUVNL के अध्यक्ष, भी इस पहल को आकार देने में भाग लेंगे।
यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र को डिजिटल युग में तेजी से आगे ले जाने की दिशा में एक बड़ा और रणनीतिक प्रयास माना जा रहा है। नीलेकणी की तकनीकी विशेषज्ञता और आधार जैसी जटिल संरचना में उनके अनुभव से इंडिया एनर्जी स्टैक को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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