"यूनुस ने पीएम मोदी से शेख हसीना को बांग्लादेशी जनता से बात करने से रोकने को कहा, मोदी ने दिया ये जवाब..."
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हसीना को बांग्लादेशी जनता से बात करने से रोकने से इनकार कर दिया, जब उनसे ऐसा अनुरोध किया गया था
ढाका। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हसीना को बांग्लादेशी जनता से बात करने से रोकने से इनकार कर दिया, जब उनसे ऐसा अनुरोध किया गया था। यूनुस ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से गुज़ारिश की थी कि शेख हसीना को जनता से संवाद न करने दें, क्योंकि उनके बयान लोगों के गुस्से को भड़का रहे हैं।
लंदन स्थित चैथम हाउस में एक कार्यक्रम में बोलते हुए यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश में भयानक घटनाएं हुई हैं, और अगर उन्हें दुनिया को दिखाने का मौका मिलता तो वे दिखा देते कि वहां कितना कुछ भयावह घटा।
यूनुस ने कहा, "अगर मुझे एक मिनट का वीडियो दिखाने का मौका मिलता, जो किसी ने रिकॉर्ड किया है, तो आप समझ जाते कि वहां क्या हुआ, कैसे क्रूरता हुई। लेकिन ये एक मिनट की बात नहीं है, ये महीनों तक चला और जुलाई में चरम पर पहुंचा। अंततः 5 अगस्त को सरकार गायब हो गई।"
इसके बाद उन्होंने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब बांग्लादेशी जनता का गुस्सा नई दिल्ली में स्थानांतरित हो गया है, क्योंकि प्रधानमंत्री शेख हसीना वहां गईं और वहीं रहने लगीं।
यूनुस ने पीएम मोदी से हुई बातचीत को याद करते हुए कहा, "मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा — आप उन्हें (शेख हसीना को) अपने यहां रखना चाहते हैं, ये आपका फैसला है। मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, लेकिन कृपया हमें इसमें मदद करें कि वह बांग्लादेशी जनता से वैसे बात न करें जैसे वो कर रही हैं।" उन्होंने कहा,
यूनुस ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने उनका अनुरोध ठुकरा दिया। "प्रधानमंत्री मोदी का जवाब था — 'ये सोशल मीडिया का मामला है, हम इसे कंट्रोल नहीं कर सकते।'"
यूनुस ने प्रतिक्रिया दी, "ऐसे हालात में आप यह कहकर नहीं बच सकते कि 'ये सोशल मीडिया है'। ये एक विस्फोटक स्थिति है।" गौरतलब है कि भारत ने शेख हसीना को शरण दी है, जब वह बांग्लादेश से हिंसा के बाद भागीं, जो कि एक सैन्य तख्तापलट में सरकार के पतन का कारण बनी।
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