हैदराबाद बनेगा नेटफ्लिक्स का दूसरा भारतीय ठिकाना, इंटरनेट बोला.. ‘बेंगलुरु की हार!’
वैश्विक स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स (Netflix) ने भारत में अपना दूसरा दफ्तर हैदराबाद में खोलने का निर्णय लिया है। मुंबई के बाद कंपनी ने हैदराबाद के हाइटेक सिटी (HITECH City) में लगभग 41,000 वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया..
नयी दिल्ली। वैश्विक स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स (Netflix) ने भारत में अपना दूसरा दफ्तर हैदराबाद में खोलने का निर्णय लिया है। मुंबई के बाद कंपनी ने हैदराबाद के हाइटेक सिटी (HITECH City) में लगभग 41,000 वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है।
Cinejosh की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नए दफ्तर में नेटफ्लिक्स की वे टीमें कार्य करेंगी जो क्षेत्रीय कंटेंट डेवलपमेंट, प्रोजेक्ट सुपरविजन, टेक्निकल वर्कफ़्लो और वेंडर मैनेजमेंट जैसे कार्यों को संभालेंगी। यानी यह ऑफिस नेटफ्लिक्स के भारतीय प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन कार्यों के लिए अहम केंद्र होगा।
हैदराबाद बनाम बेंगलुरु पर सोशल मीडिया बहस
नेटफ्लिक्स के इस फैसले ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है..आखिर बेंगलुरु को क्यों छोड़ा गया?
बेंगलुरु को अक्सर भारत का टेक हब कहा जाता है, जहां गूगल, इंफोसिस, विप्रो, टीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कई बड़ी कंपनियों के दफ्तर हैं।
एक लोकप्रिय X (ट्विटर) यूज़र ने लिखा, “एक के बाद एक इतनी कंपनियां हैदराबाद क्यों चुन रही हैं? अगर मैं बेंगलुरु का शासक होता तो ट्रैफिक और गड्ढों की समस्या तुरंत हल करता ताकि कंपनियां भाग न जाएं, पर अफसोस, जो सत्ता में हैं, वे सो रहे हैं।”
दूसरे यूज़र ने इसका जवाब देते हुए कहा, “क्या यह अच्छा नहीं है कि कंपनियां अब अलग-अलग शहरों में जा रही हैं? बेंगलुरु पहले से ही बोझिल हो चुका है। अब अन्य शहरों को भी विकसित होने का मौका मिलना चाहिए।”
“हैदराबाद के पास दफ्तर हैं, बेंगलुरु के पास दिमाग और वाइब्स”
X यूज़र पूजा लापासिया ने लिखा, “हैदराबाद के पास ऑफिस हैं, बेंगलुरु के पास दिमाग और माहौल, मुंबई के पास पैसा और दिल्ली के पास ताकत है।”
So many companies one after another are choosing Hyderabad over Bangalore to open their new office.
If I were ruling Bangalore, I would have sleepless nights to fix Traffic and potholes to stop this happen but I'm not in power and those in power are sleeping. https://t.co/xmlLinSgMs — EngiNerd. (@mainbhiengineer) November 2, 2025
कई यूज़र्स ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि जहां बेंगलुरु ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है, वहीं हैदराबाद अब तेजी से उसकी बराबरी करने की दिशा में बढ़ रहा है।
कुछ लोगों का मत है कि बेंगलुरु की अव्यवस्थित ट्रैफिक और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कंपनियां अब हैदराबाद को बेहतर विकल्प मान रही हैं।
एक यूज़र ने लिखा, “समस्या यह भी है कि बेंगलुरु में केवल कन्नड़ बोलने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जाती है, बाकी के साथ भेदभाव होता है!”
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