राज्यसभा जाने के सवाल पर यात्रा के दौरान खामोश रहे नीतीश, सहयोगियों के बयानों से बढ़ी अटकलें

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की चल रही समृद्धि यात्रा के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक स्थिति सामने आई है, जिसने व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री खुद अपने राज्यसभा नामांकन के मुद्दे पर रहस्यमय तरीके से चुप रहे जबकि उनके सहयोगी और साथी नेता लगातार यह संकेत देते रहे कि वह जल्द ही अपने पद..

राज्यसभा जाने के सवाल पर यात्रा के दौरान खामोश रहे नीतीश, सहयोगियों के बयानों से बढ़ी अटकलें
14-03-2026 - 11:20 AM

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की चल रही समृद्धि यात्रा के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक स्थिति सामने आई है, जिसने व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री खुद अपने राज्यसभा नामांकन के मुद्दे पर रहस्यमय तरीके से चुप रहे, जबकि उनके सहयोगी और साथी नेता लगातार यह संकेत देते रहे कि वह जल्द ही अपने पद से हट सकते हैं।

इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसके बाद से ही उनके दिल्ली जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। कोसी-सीमांचल क्षेत्र में यात्रा के दौरान लगभग हर जगह सहयोगी नेताओं ने इस विषय का जिक्र किया।

शुक्रवार को सहरसा में भी ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। यहां भीड़ उस समय कुछ हैरान और उत्सुक दिखी जब एनडीए के दो वरिष्ठ नेताओं—उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary (भाजपा) और संसदीय कार्य मंत्री Vijay Kumar Choudhary (जदयू)—ने मुख्यमंत्री के संभावित दिल्ली जाने का जिक्र किया। एनडीए सरकार में ये नेता क्रमशः दूसरे और चौथे नंबर के पद पर माने जाते हैं।

इसी तरह सुपौल और पूर्णिया में भी जब समृद्धि यात्रा पहुंची तो वहां भी लोगों को मुख्यमंत्री के अगले राजनीतिक कदम की चर्चा सुनने को मिली। हालांकि साथ ही यह भी कहा गया कि राज्य के लिए नीतीश कुमार अब भी “अपरिहार्य” हैं।

जदयू मंत्री विजय चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। इसके बाद उन्होंने अचानक मुख्यमंत्री के संभावित राज्य से जाने का जिक्र किया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि अगली सरकार उनके मार्गदर्शन के बिना नहीं चल सकती।

उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में राज्य में नई एनडीए सरकार बनेगी, लेकिन ‘हमारे सीएम के बरदाश्त और दिशा-निर्देश के बिना नहीं चलेगी’।” दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार यह कहते रहे कि नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे हैं।

सहरसा में उन्होंने कहा, “आज भी बिहार में सरकार नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में चल रही है और कल भी एनडीए की सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही चलेगी।”

एक दिन पहले पूर्णिया में समृद्धि यात्रा के दौरान भी सम्राट चौधरी ने यही बात दोहराई थी, जबकि सुपौल में उन्होंने कहा, “नीतीश कहीं नहीं जा रहे हैं… वे आगे भी हमारा मार्गदर्शन करेंगे।”

इस बीच ग्रामीण विकास मंत्री Shrawan Kumar शुक्रवार को उस समय कुछ नाराज दिखे जब उनसे पूछा गया कि क्या अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा।

उन्होंने मीडिया से कहा, “मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एनडीए के शीर्ष नेता आपसी सहमति से करेंगे।”

जब उनसे विशेष रूप से पूछा गया कि क्या भाजपा का मुख्यमंत्री उन्हें स्वीकार्य होगा, तो उन्होंने जवाब दिया, “एनडीए के नेता मिलकर फैसला लेंगे… और ऐसे राजनीतिक फैसलों पर एकजुटता दिखानी पड़ती है।”

मुख्यमंत्री के बेटे Nishant Kumar को मुख्यमंत्री बनाने की बढ़ती मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में भी श्रवण कुमार ने कहा कि यह मुद्दा वरिष्ठ नेताओं द्वारा तय किया जाएगा। श्रवण कुमार को नीतीश कुमार के काफी करीबी नेताओं में माना जाता है।

दरअसल, 5 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। उस समय केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और एनडीए के अन्य नेता भी मौजूद थे। इसके बाद से ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। साथ ही जदयू के कुछ वर्गों में इस फैसले को लेकर विरोध भी देखने को मिला है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।