भारत की तरक्की दूसरों की गलतियों से नहीं तय होगी: अमेरिकी टिप्पणी पर एस. जयशंकर का तीखा जवाब
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Christopher Landau की भारत और चीन की तुलना वाली टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया है। शनिवार को Raisina Dialogue में जयशंकर ने कहा कि भारत का उदय किसी दूसरे देश की गलतियों से नहीं बल्कि अपनी ताकत और क्षमता से तय होगा..
नयी दिल्ली। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Christopher Landau की भारत और चीन की तुलना वाली टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया है। शनिवार को Raisina Dialogue में जयशंकर ने कहा कि भारत का उदय किसी दूसरे देश की गलतियों से नहीं बल्कि अपनी ताकत और क्षमता से तय होगा।
उन्होंने कहा, “भारत का उत्थान भारत ही तय करेगा। यह हमारी ताकत से तय होगा, न कि दूसरों की गलतियों से।”
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका पर क्या बोले जयशंकर
S. Jaishankar ने कहा कि अगर हिंद महासागर क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनानी है तो उसे संसाधनों, प्रतिबद्धता और व्यावहारिक परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि Indian Ocean दुनिया का इकलौता महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर रखा गया है और भारत इसके बिल्कुल केंद्र में स्थित है।
जयशंकर ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति से हिंद महासागर क्षेत्र के अन्य देशों को भी फायदा होगा। जो देश भारत के साथ मिलकर काम करेंगे, उन्हें ज्यादा लाभ मिलेगा।
अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टोफर लैंडाउ ने क्या कहा था
इससे कुछ दिन पहले उसी मंच पर Christopher Landau ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ वही गलती नहीं दोहराएगा जो उसने दशकों पहले चीन के साथ की थी।
उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ वही गलती नहीं करेंगे जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थी, जब हमने उसे बाजार विकसित करने दिया और बाद में वही देश व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में हमसे आगे निकल गया।”
लैंडाउ ने यह भी कहा कि अमेरिका को अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह रहना होता है, इसलिए भारत के साथ व्यापारिक और आर्थिक संबंधों में संतुलन रखा जाएगा।
अमेरिकी टिप्पणियों पर सरकार घिरी
लैंडाउ की टिप्पणी भारतीय मंच पर ही दिए जाने के कारण केंद्र सरकार की आलोचना भी शुरू हो गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है।
हाल ही में रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका द्वारा दिए गए 30 दिन के छूट (waiver) को लेकर भी विवाद हुआ था।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली छूट के कारण भारतीय रिफाइनर रूसी तेल खरीद सकते हैं।
रूसी तेल खरीद पर अमेरिका की टिप्पणी
Scott Bessent ने कहा कि यह छूट Donald Trump की “अमेरिकन एनर्जी डॉमिनेंस” नीति के तहत दी गई है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका ने पहले भारत से प्रतिबंधित रूसी तेल खरीद बंद करने को कहा था और भारत ने ऐसा किया भी था। बाद में वैश्विक तेल आपूर्ति में अस्थायी कमी को देखते हुए भारत को रूसी तेल लेने की अनुमति दी गई।
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