‘डिएगो गार्सिया को मत सौंपिए’: ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने ब्रिटेन को चेतावनी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने रुख में बदलाव करते हुए बुधवार को ब्रिटेन को चेतावनी दी कि वह हिंद महासागर स्थित एक अहम सैन्य अड्डे को “सौंपने” की गलती न करे..

‘डिएगो गार्सिया को मत सौंपिए’: ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने ब्रिटेन को चेतावनी दी
19-02-2026 - 09:32 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने रुख में बदलाव करते हुए बुधवार को ब्रिटेन को चेतावनी दी कि वह हिंद महासागर स्थित एक अहम सैन्य अड्डे को “सौंपने” की गलती न करे। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो यह बेस बेहद अहम साबित होगा।

ईरान पर सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे ट्रंप ने यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में दी, जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी विदेश विभाग ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर और मॉरीशस के बीच हुए उस समझौते को समर्थन दिया था, जिसके तहत चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस को लौटाने की बात कही गई है।

इस समझौते के तहत, ब्रिटेन इसके बदले डिएगो गार्सिया में स्थित रणनीतिक संयुक्त अमेरिका–ब्रिटेन सैन्य अड्डे को 100 वर्षों के लिए लीज़ पर रखने के लिए भुगतान करेगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “प्रधानमंत्री स्टारमर को किसी भी कारण से डिएगो गार्सिया पर नियंत्रण नहीं खोना चाहिए, खासकर एक ऐसे 100 साल के लीज़ समझौते में प्रवेश करके, जो सबसे अच्छे हालात में भी कमजोर (अनिश्चित) है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह जमीन ब्रिटेन से नहीं छीनी जानी चाहिए और अगर ऐसा होने दिया गया, तो यह हमारे महान सहयोगी के लिए एक दाग होगा।”

ट्रंप ने जोर देते हुए लिखा, “हम हमेशा ब्रिटेन के लिए लड़ने को तैयार, इच्छुक और सक्षम रहेंगे, लेकिन उन्हें ‘वोकिज़्म’ और उनके सामने रखी गई अन्य समस्याओं के बीच मजबूत बने रहना होगा। डिएगो गार्सिया को मत सौंपिए!

चागोस द्वीप और पुराना विवाद

ब्रिटिश उपनिवेशवाद से 1960 के दशक में मॉरीशस को आज़ादी मिलने के बाद भी ब्रिटेन ने चागोस द्वीपसमूह पर नियंत्रण बनाए रखा था।
इस दौरान ब्रिटेन ने वहां से हजारों लोगों को बेदखल कर दिया था, जिन्होंने बाद में मुआवजे के लिए कानूनी लड़ाइयां लड़ीं। ट्रंप ने चागोस द्वीप के लोगों के दावों को “काल्पनिक प्रकृति केकरार दिया।

ब्रिटेन की प्रतिक्रिया

ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह समझौता यूके–यूएस सैन्य अड्डे को सुरक्षित करता है और यह ब्रिटेन और हमारे प्रमुख सहयोगियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

प्रवक्ता ने आगे कहा, “जो समझौता किया गया है, वही इस महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे के दीर्घकालिक भविष्य की गारंटी देने का एकमात्र तरीका है।”

ईरान पर नजर

ट्रंप का यह ताजा रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब वह ईरान पर संभावित हमले पर विचार कर रहे हैं। ईरान में पिछले महीने बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत हुई थी।

मंगलवार को ट्रंप के दूतों ने जिनेवा में ईरान के शीर्ष राजनयिक के साथ नई बातचीत की और तेहरान पर बड़े समझौते के लिए दबाव डाला, जिसकी शुरुआत ईरान के परमाणु कार्यक्रम से करने की मांग की गई।

जून में अमेरिका ने इज़राइल के साथ मिलकर ईरान पर बमबारी अभियान में हिस्सा लिया था। इस दौरान अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमले किए, जबकि उसका सहयोगी इज़राइल कहीं बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहा था।

ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान ने कोई समझौता न करने का फैसला किया, तो अमेरिका के लिए डिएगो गार्सिया और इंग्लैंड में स्थित फेयरफोर्ड एयरबेस के हवाई अड्डे का इस्तेमाल करना जरूरी हो सकता है, ताकि एक अत्यंत अस्थिर और खतरनाक शासन द्वारा किए जा सकने वाले संभावित हमले को समाप्त किया जा सके।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।