खांसी की दवा से जुड़ा बड़ा मामला: एमपी-राजस्थान में 12 बच्चों की मौत, केंद्र ने एडवाइजरी जारी

मध्य प्रदेश और राजस्थान में खांसी की दवाओं के सेवन के बाद 12 बच्चों की मौत के मामले ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने गंभीर हालात को देखते हुए शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सर्दी-खांसी की दवा न देने की एडवाइजरी जारी..

खांसी की दवा से जुड़ा बड़ा मामला: एमपी-राजस्थान में 12 बच्चों की मौत, केंद्र ने एडवाइजरी जारी
04-10-2025 - 09:00 AM

भोपाल/जयपुर। मध्य प्रदेश और राजस्थान में खांसी की दवाओं के सेवन के बाद 12 बच्चों की मौत के मामले ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने गंभीर हालात को देखते हुए शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सर्दी-खांसी की दवा न देने की एडवाइजरी जारी की है।

मध्य प्रदेश: 9 बच्चों की मौत, 5 का इलाज जारी

छिंदवाड़ा जिले में पिछले एक महीने में 9 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं 5 बच्चे नागपुर (महाराष्ट्र) में इलाजरत हैं। जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि पीड़ित बच्चों में शुरूआत में सर्दी-जुकाम और हल्का बुखार था, जिन्हें खांसी की दवा दी गई। लेकिन कुछ ही दिनों में उनकी हालत बिगड़ गई और किडनी से जुड़ी जटिलताएँ सामने आईं।

ICMR और राज्य टीमों ने 19 दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए, जिनमें से 9 सुरक्षित पाए गए हैं। 10 नमूनों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

राजस्थान: 3 बच्चों की मौत, मुफ्त दवा योजना पर सवाल

राजस्थान में बीते एक हफ्ते में 3 बच्चों की मौत और कई अन्य बच्चों में खांसी की दवा लेने के बाद दिक्कतें सामने आई हैं। ये दवाएँ राज्य सरकार की मुफ़्त दवा योजना के तहत दी गई थीं।

  • सीकर: 29 सितंबर को 5 वर्षीय बच्चे की मौत।
  • भरतपुर: एक बच्चे की मौत और 5 बच्चों में उल्टी, चक्कर, बेचैनी, बेहोशी जैसे लक्षण।
  • वीर (भरतपुर): 2.5 वर्षीय बच्चे की मौत 27 सितंबर को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में। परिजनों ने "अमोड्रॉक्सोल सिरप" को जिम्मेदार बताया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में बच्चे का बुखार से जुड़े दौरे (febrile seizures) का इतिहास बताया गया।
  • बांसवाड़ा: 16 से 30 सितंबर के बीच कई बच्चों में खांसी की दवा लेने के बाद जटिलताओं की शिकायत।

संदिग्ध कंपनी पर कार्रवाई

संदिग्ध खांसी की दवा जयपुर की केसान्स फार्मा द्वारा बनाई गई थी। 2012 से अब तक इस कंपनी की 10,119 दवाओं के नमूनों की जांच में 42 को घटिया पाया गया है। एहतियातन राज्य सरकार ने कंपनी की सभी 19 दवाओं की सप्लाई रोक दी है।

केंद्र ने क्या कहा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश से लिए गए सिरप के नमूनों में डाइइथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे घातक रसायन नहीं पाए गए। अब तक मौतों का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और विस्तृत फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।