बिहार में विपक्ष ने समारोह का बहिष्कार किया.. कहा, यह संवैधानिक कार्यक्रम नहीं बल्कि बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन
गुरुवार को गांधी मैदान में आयोजित विस्तारित सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया। महागठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम संवैधानिक आयोजन के बजाय बीजेपी के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया..
पटना। गुरुवार को गांधी मैदान में आयोजित विस्तारित सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया। महागठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम संवैधानिक आयोजन के बजाय बीजेपी के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया गया।
महागठबंधन के नेताओं ने समारोह में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें उचित प्रोटोकॉल और सम्मान के साथ आमंत्रित नहीं किया गया।
आरजेडी प्रवक्ता चित्रंजन गगन ने कहा कि पूरा कार्यक्रम पूरी तरह बीजेपी का आयोजन बनकर रह गया था और विपक्षी नेताओं को जानबूझकर किनारे किया गया।
उन्होंने कहा, “यह बीजेपी का कार्यक्रम था। मंच पर भी विपक्षी नेताओं के लिए कोई स्थान निर्धारित नहीं किया गया था। प्रोटोकॉल का पूरी तरह उल्लंघन हुआ, जिसका अंदाजा राज्यपाल की बैठने की व्यवस्था से भी लगाया जा सकता था।”
गगन ने आगे आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं को केवल विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया, न कि विपक्ष के नेता की उनकी आधिकारिक हैसियत के अनुसार।
आरजेडी के एक अन्य प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि समारोह स्थल पर लगे बैनर और पोस्टर एनडीए के भीतर बीजेपी के राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि मंच की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीरें प्रमुखता से लगी थीं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की तस्वीर गायब थी।
अहमद ने आरोप लगाया कि यह अनुपस्थिति एक सोचा-समझा राजनीतिक संदेश था, जो नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य सहयोगियों को दिया गया। उनके अनुसार बीजेपी यह संकेत देना चाहती थी कि यह समारोह पूरी तरह भगवा पार्टी का है और नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से पीछे धकेल दिया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने भी कार्यक्रम की आलोचना करते हुए इसे विशेष रूप से जेडीयू को निशाना बनाकर किया गया बीजेपी का सुनियोजित शक्ति प्रदर्शन बताया।
उन्होंने कहा, “जब बिहार के मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों का शपथ ग्रहण राजभवन में हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं आए थे। लेकिन कैबिनेट विस्तार के दौरान वह आए और रोड शो भी किया। यह जेडीयू को छोटा दिखाने और बीजेपी को गठबंधन में ज्यादा ताकतवर साबित करने की रणनीति है।”
वहीं, सीपीआई(एमएल) के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि उनकी पार्टी को कार्यक्रम का कोई निमंत्रण ही नहीं मिला।
उन्होंने कहा, “अगर निमंत्रण मिला भी होता, तब भी हम सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुनने के लिए वहां नहीं जाते।”
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