PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की बातचीत: "तत्काल तनाव घटाने और संवाद की जरूरत"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से टेलीफोन पर बात की और ईरान-इज़राइल संघर्ष में हालिया तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दोनों देशों के बीच तत्काल तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के रास्ते को..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से टेलीफोन पर बात की और ईरान-इज़राइल संघर्ष में हालिया तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दोनों देशों के बीच तत्काल तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के रास्ते को अपनाने का आह्वान दोहराया।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – नतांज़, इस्फहान और फोर्दो – पर रातभर चले हमलों में उन्हें "पूरी तरह नष्ट" कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ अमेरिका अब ईरान के खिलाफ इज़राइली सैन्य अभियान में सीधे तौर पर शामिल हो चुका है, जिससे मध्य-पूर्व में संघर्ष एक नए मोड़ पर पहुंच गया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा, “ईरान के राष्ट्रपति @drpezeshkian से बातचीत की। मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। हालिया तनाव पर गहरी चिंता जताई। भारत की यह अपील दोहराई कि तत्काल तनाव घटाया जाए, संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाए ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता शीघ्र बहाल हो सके।”
यह पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन के बीच पहली आधिकारिक बातचीत थी।
पृष्ठभूमि: बढ़ता हुआ तनाव
ईरान और इज़राइल के बीच हालिया टकराव के चलते पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ गई है। शनिवार रात अमेरिका ने तीन ईरानी परमाणु स्थलों पर हवाई हमले कर दिए, जिससे संघर्ष और गहरा गया।
हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने चेतावनी दी, “ये हमले घोर निंदनीय हैं और इनके दीर्घकालिक परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को इस खतरनाक, अवैध और आपराधिक आचरण पर चिंता होनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के अनुसार, ईरान अपनी **संप्रभुता, हितों और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी विकल्प सुरक्षित रखता है।”
अराक़ची ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक वार्ता फिर शुरू करने की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि “रात के हमलों ने कूटनीति का हर रास्ता उड़ा दिया है।”
भारत की भूमिका और चिंता
भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और कूटनीति का समर्थन करता है। पीएम मोदी की यह बातचीत भी इस दिशा में एक संतुलित कूटनीतिक पहल मानी जा रही है, जिसमें भारत ने दोनों पक्षों से तनाव घटाने और बातचीत के लिए आगे आने का आग्रह किया है।
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