6 लाख करोड़ रुपये डूबे..! सेंसेक्स 849 अंक टूटा, निफ्टी 24,750 से नीचे फिसला.. ट्रंप के टैरिफ बम और 6 अन्य कारणों से बाजार गिरा
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका ने बुधवार से भारतीय सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने की ड्राफ्ट अधिसूचना जारी कर दी। इस व्यापारिक झटके ने निवेशकों की धारणा पर सबसे ज्यादा असर डाला। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और..
नयी दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका ने बुधवार से भारतीय सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने की ड्राफ्ट अधिसूचना जारी कर दी। इस व्यापारिक झटके ने निवेशकों की धारणा पर सबसे ज्यादा असर डाला। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और ग्लोबल मार्केट में दबाव जैसे कारणों ने भी गिरावट को गहरा किया।
बीएसई सेंसेक्स 849.37 अंक यानी 1% टूटकर 80,786.54 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 255.70 अंक यानी 1% गिरकर 24,712.05 पर आ गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 6.02 लाख करोड़ रुपये घटकर 449.38 लाख करोड़ रुपये रह गया।
निफ्टी-50 में तीसरे सबसे बड़े वज़न वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का शेयर मंगलवार को 2% से अधिक टूटा, जिससे इंडेक्स पर दबाव आया। वित्तीय शेयर 1.4% गिरे, जिसमें एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक 0.8% से 1.5% तक टूटे।
फार्मा शेयर 1.7% गिरे, जिसमें सन फार्मा 3% से अधिक गिरा क्योंकि बैंक ऑफ अमेरिका ने स्टॉक को अंडरपरफॉर्म में डाउनग्रेड किया। एफएमसीजी सेक्टर एकमात्र सकारात्मक रहा, निफ्टी FMCG इंडेक्स 0.8% चढ़ा। वहीं, वस्त्र, केमिकल और झींगा उत्पादक कंपनियों में भारी गिरावट रही क्योंकि ये क्षेत्र अमेरिकी टैरिफ से ज्यादा प्रभावित माने जाते हैं। एकल शेयरों में, वोडाफोन-आइडिया 10% तक टूटा क्योंकि खबर आई कि सरकार बकाया भुगतान पर आगे कोई राहत देने के पक्ष में नहीं है। ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में रहे, मिडकैप 1.6% और स्मॉलकैप 2% टूटे।
मंगलवार की गिरावट के 7 बड़े कारण
1. अमेरिका का नया टैरिफ आधी रात से लागू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूसी तेल आयात से जुड़े निर्यात पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगा दिया, जिससे टैरिफ बढ़कर 50% हो गया।
25–29 अगस्त को अमेरिकी व्यापार वार्ताकारों की नई दिल्ली यात्रा भी रद्द कर दी गई। भारत के निर्यातकों पर अब वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धियों से कहीं अधिक शुल्क लगेगा।
होमलैंड सिक्योरिटी नोटिस के अनुसार नया शुल्क बुधवार सुबह 12:01 EDT (भारतीय समयानुसार रात 9:31 बजे) से लागू होगा।
2. मुनाफावसूली
पिछले सप्ताह जीएसटी सुधार की उम्मीद पर तेजी के बाद मंगलवार को निवेशकों ने मुनाफा वसूला।
सरकार दिवाली तक छोटे कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% और स्वास्थ्य व जीवन बीमा पर प्रीमियम टैक्स 5% या शून्य करने पर विचार कर रही है।
निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.3% और पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2% गिरा। आईटी कंपनियां, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, 0.6% टूटीं।
3. विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली
25 अगस्त को एफआईआई ने भारतीय इक्विटी से 2,466 करोड़ रुपये निकाले, जबकि डीआईआई ने 3,176.69 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
अगस्त के पहले आधे में एफआईआई ने लगभग 31,889 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
अब तक इस साल कुल निकासी लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक जतिन त्रिवेदी के अनुसार लगातार एफआईआई की बिकवाली बाजार धारणा को कमजोर कर रही है।
4. रुपये की कमजोरी
भारतीय रुपया लगातार पाँचवे दिन गिरा और 87.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कमजोर रुपया आयात महंगा करता है और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डालता है।
जीओजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेश प्रवाह और प्रभावित हो सकता है।
5. वैश्विक बाजारों में गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को हटाने का ऐलान किया, जिस पर विवाद गहराया और वैश्विक निवेशक चिंतित हुए।
जापान का निक्केई लगभग 1% और यूरोप का STOXX 600 इंडेक्स 0.8% टूटा। फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता से बैंकिंग शेयर और बॉन्ड्स गिरे। ट्रंप ने डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर भी आगे और टैरिफ लगाने की धमकी दी।
6. कच्चा तेल 2 हफ्ते की ऊंचाई के पास
ब्रेंट क्रूड 0.7% गिरकर 68.29 डॉलर/बैरल और WTI 0.9% गिरकर 64.23 डॉलर/बैरल पर रहा।
पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क करीब 2% उछले थे। तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय कंपनियों के लिए लागत बढ़ा सकती हैं।
7. तकनीकी संकेत नकारात्मक
निफ्टी 24,800 सपोर्ट लेवल तोड़कर नीचे गया और 50-दिन EMA से नीचे बंद हुआ।
RSI में bearish crossover दिख रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में और गिरावट हो सकती है।
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