भारत को ‘जितना तेल चाहिए, उतना देंगे’: मार्को रुबियो का बड़ा बयान, वेनेजुएला की नेता अगले सप्ताह दिल्ली आएंगी
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि वॉशिंगटन भारत को उसकी जरूरत के मुताबिक अधिकतम ऊर्जा आपूर्ति करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम भारत को जितनी ऊर्जा खरीदनी हो, उतनी बेचने के इच्छुक हैं..
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि वॉशिंगटन भारत को उसकी जरूरत के मुताबिक अधिकतम ऊर्जा आपूर्ति करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम भारत को जितनी ऊर्जा खरीदनी हो, उतनी बेचने के इच्छुक हैं।”
रुबियो ने यह बयान पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उनकी भारत यात्रा प्रस्तावित है और अमेरिका की रिफाइनरियों में बड़ी मात्रा में वेनेजुएला का तेल पहुंच रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के अनुसार, वेनेजुएला से आने वाला तेल टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का स्थित रिफाइनरियों में प्रोसेस किया जा रहा है।
वेनेजुएला की नेता अगले सप्ताह भारत आएंगी
मार्को रुबियो ने यह भी घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति Delcy Rodríguez अगले सप्ताह नई दिल्ली की यात्रा करेंगी। माना जा रहा है कि भारत के लिए अमेरिका की ऊर्जा रणनीति में वेनेजुएला के कच्चे तेल की अहम भूमिका हो सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच भारत ने हाल के सप्ताहों में वेनेजुएला से तेल खरीद बढ़ाई है। मई 2026 में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया।
23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे रुबियो
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। यह विदेश मंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर भारतीय अधिकारियों के साथ चर्चा होने की संभावना है। साथ ही, नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी उनकी भागीदारी प्रस्तावित है।
अमेरिकी राजदूत Sergio Gor पहले ही संकेत दे चुके थे कि रुबियो सप्ताहांत में नई दिल्ली पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगी।
वैश्विक ऊर्जा संकट का असर
ईरान संघर्ष के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट का असर दुनिया भर में दिखाई देने लगा है। डीजल, पेट्रोल और एलएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है।
भारत ने भी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को राहत देने के लिए चार दिनों के भीतर पहले 3 रुपये और फिर 90 पैसे की कीमत वृद्धि की। बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश में जुटा हुआ है।
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