महाराष्ट्र चुनाव मतदाता संख्या डेटा पोस्ट मामले में पूर्व CSDS निदेशक प्रो. संजय कुमार के खिलाफ दर्ज FIRs पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
पूर्व सीएसडीएस (CSDS) निदेशक और प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर संजय कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी। ये एफआईआर उनके उन ट्वीट्स से जुड़ी थीं, जिनमें उन्होंने 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतदाता संख्या को लेकर बड़ी गड़बड़ी का दावा..
नयी दिल्ली। पूर्व सीएसडीएस (CSDS) निदेशक और प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर संजय कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी। ये एफआईआर उनके उन ट्वीट्स से जुड़ी थीं, जिनमें उन्होंने 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतदाता संख्या को लेकर बड़ी गड़बड़ी का दावा किया था।
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही
सीजेआई बी.आर. गवई और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की दो जजों की पीठ ने संजय कुमार की याचिका सुनने के बाद एफआईआर पर रोक लगाई।
कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी और आरोपों को निराधार बताया।
उन्होंने दलील दी, “गलत जानकारी वाला ट्वीट जालसाजी जैसे अपराधों की एफआईआर का आधार नहीं हो सकता। लगाए गए आरोप निराधार हैं और लगाए गए आपराधिक धाराएँ इस मामले में लागू ही नहीं होतीं।”
कुमार का पक्ष
- कुमार ने कहा कि उनका कोई आपराधिक इरादा नहीं था।
- यह एक अनजाने में हुई गलती थी, जिसे उन्होंने सुधार लिया।
- उन्होंने ट्वीट हटाकर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
- अदालत में कहा गया कि उनकी 30 वर्षों की बेदाग और ईमानदार सेवाओं को देखते हुए इसे अपराध नहीं माना जा सकता।
पृष्ठभूमि
- 17 अगस्त को कुमार ने अपने एक्स (Twitter) हैंडल से कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या बढ़ने-घटने को लेकर पोस्ट किया।
- बाद में उन्हें पता चला कि विश्लेषण में त्रुटि है।
- 19 अगस्त को उन्होंने माफी मांगते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पहले की पोस्ट एक गलती थी।
- इसके बाद चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने नासिक और नागपुर में दो एफआईआर दर्ज कराईं।
- ये एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गईं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कुमार की माफी और त्रुटि स्वीकार करने की दलीलों को रिकॉर्ड में लेते हुए एफआईआर पर रोक लगा दी और उनकी अपील पर नोटिस जारी किया।
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